देश में 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सात राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं, जबकि अब केवल 11 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा।
इन निर्विरोध चुने गए नेताओं में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें Sharad Pawar, Abhishek Manu Singhvi, केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale, Phulo Devi Netam और Laxmi Verma जैसे नेता शामिल हैं। कई राज्यों में विपक्षी दलों ने उम्मीदवार नहीं उतारे, जिसके कारण ये नेता बिना मतदान के ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए।

16 मार्च को इन राज्यों में होगा मतदान
अब केवल बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुल 11 सीटों पर चुनाव होगा।
- बिहार – 5 सीट
- ओडिशा – 4 सीट
- हरियाणा – 2 सीट
इन 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, इसलिए इन राज्यों में मतदान कराना अनिवार्य हो गया है।
बिहार में सबसे दिलचस्प मुकाबला
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे यहां मुकाबला रोचक हो गया है।
बीजेपी की ओर से Nitin Nabin और शिवेश कुमार उम्मीदवार हैं, जबकि जेडीयू की ओर से Nitish Kumar और रामनाथ ठाकुर मैदान में हैं।
एनडीए ने पांचवें उम्मीदवार के रूप में उपेंद्र कुशवाहा को उतारा है। वहीं आरजेडी ने अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। बिहार में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है।
बीजेपी ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक
राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने भी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी ने बिहार, ओडिशा और हरियाणा के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इन राज्यों में राजनीतिक मुकाबला होने की संभावना को देखते हुए संगठन स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है।
छत्तीसगढ़ में दोनों उम्मीदवार निर्विरोध
छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों पर केवल दो ही उम्मीदवार मैदान में हैं, इसलिए यहां मुकाबला नहीं होगा।
- बीजेपी की ओर से Laxmi Verma
- कांग्रेस की ओर से Phulo Devi Netam
इन दोनों नेताओं का निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, 37 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में ज्यादातर सीटों पर परिणाम पहले ही साफ हो गए हैं और अब राजनीतिक नजरें 16 मार्च को होने वाले 11 सीटों के मतदान पर टिकी हुई हैं।
