यह खबर सिर्फ नमाज के समय की सूचना नहीं, बल्कि राजधानी रायपुर और पूरे प्रदेश में ईद-उल-फितर की तैयारियों की तस्वीर भी दिखाती है। ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक भारत में इस साल ईद-उल-फितर शनिवार, 21 मार्च 2026 को मनाई जा रही है, क्योंकि चांद दिखने के बाद त्योहार की तारीख तय हुई।
रायपुर में इस मौके पर 58 ईदगाह, मस्जिदों और मदरसों में नमाज का समय तय किया गया है। आपके दिए विवरण के अनुसार शहर काजी मौलाना मोहम्मद हामिद अली फारूखी ने इसकी घोषणा की है और मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन, बैजनाथपारा से सभी मस्जिदों को सूचना भेजी गई है। नमाज का समय अलग-अलग स्थानों पर सुबह 6:45 बजे से 10:45 बजे के बीच रखा गया है। इसका मतलब है कि भीड़ को देखते हुए अलग-अलग इलाकों में अलग स्लॉट बनाए गए हैं, ताकि नमाज शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से अदा हो सके।

कुछ मस्जिदों में भीड़ ज्यादा रहने की संभावना को देखते हुए दो या तीन जमात में नमाज रखी गई है। खास तौर पर छोटापारा बैजनाथपारा मस्जिद में सुबह 6:45 बजे और 10 बजे नमाज होने की जानकारी दी गई है। ऐसे इंतजाम आमतौर पर तब किए जाते हैं जब एक ही जगह बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचते हैं और व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होता है। देश के दूसरे शहरों में भी इस साल Eid नमाज के लिए भीड़ प्रबंधन और अलग-अलग टाइम स्लॉट पर जोर दिया गया है।
ईद-उल-फितर रमजान के महीने के पूरा होने के बाद मनाया जाने वाला बड़ा त्योहार है। यह सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि रोज़े, इबादत, सब्र और शुक्राने के महीने के समापन का दिन भी होता है। इसलिए सुबह की नमाज का महत्व बहुत ज्यादा होता है। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद देते हैं, घरों में सेवइयां और दूसरी मिठाइयां बनती हैं, और परिवारों में खुशी का माहौल रहता है।
इस बार प्रशासन और धर्मगुरुओं की ओर से जो सबसे जरूरी अपील सामने आई है, वह है समय पर पहुंचना। चूंकि शहर में 58 स्थानों पर नमाज होगी और कुछ जगहों पर एक से ज्यादा जमात रखी गई है, इसलिए लोगों से कहा गया है कि वे तय समय से पहले पहुंचें, ताकि भीड़, पार्किंग और व्यवस्था में दिक्कत न हो। यह अपील व्यावहारिक भी है, क्योंकि Eid की नमाज साल की सबसे बड़ी सामूहिक नमाजों में से एक मानी जाती है।
एक और अहम बात यह है कि ईद का यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे सामाजिक भाईचारा भी मजबूत होता है। बाजारों में रौनक, कपड़ों और मिठाइयों की खरीदारी, बच्चों का उत्साह और लोगों का आपसी मेल-मिलाप—ये सब इस त्योहार को खास बनाते हैं। दूसरे शहरों की रिपोर्टों में भी चांद रात से ही उत्सव, खरीदारी और सामुदायिक माहौल का जिक्र दिखा है।
कुल मिलाकर, रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में आज की ईद धार्मिक आस्था, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द का बड़ा दिन है। सुबह 6:45 बजे से 10:45 बजे के बीच अलग-अलग ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा होगी, और लोगों से अपील है कि वे समय पर पहुंचकर व्यवस्था बनाए रखें।
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ईद-उल-फितर आज: रायपुर में 58 ईदगाह-मस्जिदों में अदा होगी नमाज, सुबह 6:45 से 10:45 बजे तक रहेगा समय
