📍 क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है।
- “सर्व समाज” की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई
- इसमें 800 से ज्यादा ग्रामीण शामिल हुए
- बैठक में सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण को लेकर चिंता जताई गई

⚠️ क्या फैसला लिया गया?
बैठक में मौजूद ग्रामीणों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने:
- धर्मांतरण कर चुके परिवारों को
👉 30 अप्रैल तक मूल धर्म में लौटने (घर वापसी) का अल्टीमेटम दिया - चेतावनी दी कि
👉 समयसीमा के बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा
🗣️ क्या आरोप लगाए गए?
- ग्रामीणों ने कहा कि
👉 बाहरी प्रभाव और प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है - हालांकि
👉 किसी व्यक्ति या संस्था का नाम खुलकर सामने नहीं आया
🏘️ किन-किन गांवों की भागीदारी?
बैठक में आसपास के कई गांवों के लोग शामिल हुए, जैसे:
- गोडपाल
- परलभाट
- अन्य नजदीकी गांव
👉 इससे साफ है कि मुद्दा स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर क्षेत्रीय रूप ले रहा है
🏛️ प्रशासन की भूमिका
- ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
- मांग की गई कि
👉 मामले की जांच कराई जाए
👉 प्रशासन शांति बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करे
🚨 आगे क्या हो सकता है?
- 30 अप्रैल तक स्थिति पर सबकी नजर रहेगी
- अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो
👉 प्रदर्शन या आंदोलन तेज हो सकता है - प्रशासन के लिए
👉 कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी
🧠 निष्कर्ष
नारायणपुर के छोटेडोंगर क्षेत्र में धर्मांतरण का मुद्दा अब संवेदनशील और उग्र रूप लेता दिख रहा है।
👉 30 अप्रैल की समयसीमा इस पूरे मामले में टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है
