राजनांदगांव जिले में सहकारी बैंक से जुड़ा यह मामला प्रशासनिक अनुशासन और कार्य संस्कृति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
🔴 क्या है पूरा मामला?
राजनांदगांव के
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की मेढ़ा शाखा में पदस्थ
शाखा प्रबंधक सुखदास केसरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

👉 आरोप:
- कार्यालय परिसर के अंदर शराब सेवन (शराबखोरी)
- घटना का फोटो वायरल हुआ
📸 कैसे खुला मामला?
- बैंक परिसर में शराब पीते हुए एक फोटो सामने आया
- यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ
- मामला बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) तक पहुंचा
👉 इसके बाद:
- मामले को गंभीरता से लिया गया
- तुरंत कार्रवाई की गई
⚖️ क्या नियम का उल्लंघन हुआ?
बैंक कर्मचारी सेवा नियमों के अनुसार:
- कार्यस्थल पर शराब पीना
👉 गंभीर कदाचार (Misconduct) है
इसके अलावा:
- यह अनुशासनहीनता मानी जाती है
- संस्था की छवि खराब होती है
- कार्य संस्कृति पर नकारात्मक असर पड़ता है
👮 क्या कार्रवाई हुई?
- सुखदास केसरी को निलंबित किया गया
- उन्हें प्रधान कार्यालय (हेड ऑफिस) में अटैच किया गया
👉 साथ ही:
- मेढ़ा शाखा का प्रभार
सहायक प्रबंधक रविन्द्र कुमार साहू को सौंपा गया
🗣️ अधिकारी का बयान
मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुधीर सोनी ने पुष्टि की:
शिकायत और वायरल फोटो के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रबंधक को निलंबित किया गया है।
⚠️ इस मामले का महत्व
यह सिर्फ एक कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि:
- सरकारी/सहकारी संस्थानों में अनुशासन का मुद्दा
- कार्यस्थल की मर्यादा
- प्रशासन की सख्ती का संकेत
👉 इससे यह संदेश गया:
- नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई होगी
🔚 निष्कर्ष
राजनांदगांव सहकारी बैंक का यह मामला दिखाता है कि:
सार्वजनिक संस्थानों में अनुशासन और कार्य संस्कृति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
निलंबन की यह कार्रवाई अन्य कर्मचारियों के लिए भी सख्त चेतावनी मानी जा रही है।
