बिलासपुर। बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए बिलासपुर में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य आम लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी देना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए जरूरी सावधानियों के प्रति जागरूक करना है।

इस दौरान शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अलग-अलग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों, युवाओं, ग्रामीणों और आम नागरिकों को साइबर अपराध से जुड़े खतरों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
डिजिटल अरेस्ट और UPI फ्रॉड से बचने की दी जाएगी जानकारी
अभियान के दौरान साइबर अपराध के कई प्रमुख तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। इनमें डिजिटल अरेस्ट, UPI फ्रॉड, फर्जी कॉल, जॉब फ्रॉड और फिशिंग जैसे मामले प्रमुख रूप से शामिल हैं।
लोगों को बताया जाएगा कि साइबर ठग किस तरह अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ठग कभी पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराते हैं, तो कभी बैंक, कंपनी या नौकरी देने वाली संस्था का प्रतिनिधि बनकर लोगों से निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से सावधान
इन दिनों साइबर ठगी का एक नया तरीका डिजिटल अरेस्ट भी सामने आया है। इसमें ठग वीडियो कॉल या फोन के जरिए खुद को पुलिस, CBI, ED, कस्टम या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। इसके बाद किसी अपराध में नाम आने की बात कहकर पैसे की मांग की जाती है।
अभियान के दौरान लोगों को समझाया जाएगा कि किसी भी सरकारी एजेंसी की ओर से इस तरह फोन या वीडियो कॉल पर लोगों को डिजिटल तरीके से गिरफ्तार नहीं किया जाता। ऐसी कॉल आने पर घबराने के बजाय तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।
UPI और फिशिंग फ्रॉड को लेकर भी जागरूकता
UPI के जरिए होने वाली ठगी से बचने के लिए भी लोगों को जरूरी सावधानियां बताई जाएंगी। खासतौर पर यह जानकारी दी जाएगी कि UPI PIN केवल पैसे भेजते समय डालना होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।
इसी तरह फिशिंग के जरिए ठग फर्जी लिंक, ई-मेल, मैसेज या वेबसाइट भेजकर लोगों की बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या ऐप पर बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी जाएगी।
स्कूल-कॉलेज और गांवों तक पहुंचेगा अभियान
साइबर जागरूकता अभियान को केवल शहर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। स्कूल-कॉलेजों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों और युवाओं को विशेष रूप से साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे खुद सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकें।
ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को मोबाइल बैंकिंग, UPI, OTP, ऑनलाइन खरीदारी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर सावधानियां बताई जाएंगी।
‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ से भी होगा प्रचार
अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ पहल भी शामिल की गई है। इसके माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
लोग सेल्फी के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश साझा कर सकते हैं और अपने आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
2 अक्टूबर को होगा अभियान का समापन
यह विशेष साइबर जागरूकता अभियान 15 अगस्त से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य केवल साइबर ठगी के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों में ऐसी सतर्कता विकसित करना है कि वे किसी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में आने से पहले उसकी सत्यता की जांच कर सकें। साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता को सबसे महत्वपूर्ण हथियार माना जा रहा है।
