रायपुर। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के दूसरे दिन मैदान पर हॉकी का जबरदस्त रोमांच देखने को मिला। दिन के पहले मुकाबले में मैनपाट टाइटन्स और बैलाडिला बुल्स की टीमें आमने-सामने थीं। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए आखिरी मिनट तक जीत के लिए संघर्ष किया, लेकिन अंत में मुकाबला 3-3 की बराबरी पर समाप्त हुआ। मैच के शुरुआती दो क्वार्टर में ओलंपियन प्रदीप मोर की टीम मैनपाट टाइटन्स का दबदबा देखने को मिला, जबकि अंतिम दो क्वार्टर में ओलंपियन चिंगलेनसाना सिंह के नेतृत्व वाली बैलाडिला बुल्स ने जोरदार वापसी की।

मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच आक्रमण और बचाव का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। मैनपाट टाइटन्स ने शुरुआती बढ़त बनाकर मुकाबले पर पकड़ मजबूत की, लेकिन बैलाडिला बुल्स ने हार नहीं मानी। टीम ने लगातार हमले करते हुए स्कोर बराबर किया। इसके बाद दोनों टीमों ने गोल दागे और मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया। मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्रहलाद को ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि करण धनुक को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार दिया गया।
पहले क्वार्टर में दोनों टीमों ने दिखाया दम
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक रणनीति अपनाई। मैच के चौथे मिनट में मैनपाट टाइटन्स के खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम के सर्कल में प्रवेश कर गोल करने का प्रयास किया, लेकिन बैलाडिला बुल्स के डिफेंडरों ने सतर्कता दिखाते हुए गेंद को बाहर निकाल दिया। इसके तुरंत बाद बैलाडिला ने जवाबी हमला किया और मैनपाट के सर्कल तक पहुंची, लेकिन वह भी गोल करने में सफल नहीं हो सकी।
सातवें मिनट में मैनपाट टाइटन्स को गोल करने का शानदार अवसर मिला। प्रहलाद टांडी को सर्कल के भीतर गेंद मिली और उन्होंने गोल की दिशा में प्रयास किया। हालांकि, बैलाडिला बुल्स के गोलकीपर ने तेजी से आगे बढ़कर उनके शॉट को रोक दिया। इस बचाव से बैलाडिला को शुरुआती झटका लगने से बच गया।
लगातार हमलों के बीच बैलाडिला बुल्स को पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ। टीम ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और संदीप ठाकुर ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। मैनपाट के गोलकीपर यादव इस प्रयास को रोक नहीं सके। पहले क्वार्टर के शेष समय में दोनों टीमों ने गोल करने की कोशिश की, लेकिन कोई और गोल नहीं हो सका।
दूसरे क्वार्टर में मैनपाट टाइटन्स ने पलटी बाजी
पहले क्वार्टर में पिछड़ने के बाद मैनपाट टाइटन्स ने दूसरे क्वार्टर में अपनी रणनीति बदली और हमलों की रफ्तार बढ़ाई। टीम ने विपक्षी डिफेंस पर दबाव बनाया और गोल करने के मौके तलाशने शुरू किए। हालांकि, शुरुआती मिनटों में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा और ज्यादा स्पष्ट अवसर नहीं बन पाए।
हाफ टाइम से कुछ मिनट पहले मैनपाट टाइटन्स को सफलता मिली। प्रहलाद ने सर्कल के भीतर शानदार दौड़ लगाते हुए गेंद पर नियंत्रण बनाया और उसे प्रवीण यादव की ओर बढ़ाया। प्रवीण ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ गेंद को डिफ्लेक्ट करते हुए गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ मैनपाट ने स्कोर बराबर करने के बाद बढ़त हासिल कर ली।
दूसरे क्वार्टर के अंत तक मैनपाट टाइटन्स ने 2-0 की बढ़त बना ली। शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद दो गोल की बढ़त हासिल करना टीम के लिए बड़ी उपलब्धि थी। दूसरी ओर, बैलाडिला बुल्स के सामने अब मुकाबले में वापसी करने की चुनौती थी।
तीसरे क्वार्टर में बैलाडिला बुल्स ने शुरू की वापसी
दो गोल से पिछड़ने के बाद बैलाडिला बुल्स ने दूसरे हाफ में आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बढ़ाते हुए मैनपाट टाइटन्स के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। खिलाड़ियों ने तेजी से पास देते हुए सर्कल में प्रवेश करने के प्रयास किए और धीरे-धीरे गोल करने के मौके तैयार किए।
आखिरकार बैलाडिला को इस रणनीति का फायदा मिला। जसकरण सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए सर्कल के भीतर प्रवेश किया और राहुल यादव की ओर गेंद फ्लिक की। राहुल यादव ने मौके का फायदा उठाया और गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ बैलाडिला बुल्स ने स्कोर का अंतर घटाकर 1-2 कर दिया।
इस गोल ने बैलाडिला बुल्स के खिलाड़ियों में नया जोश भर दिया। टीम ने मैनपाट की बढ़त को चुनौती देना जारी रखा। दूसरी ओर, मैनपाट टाइटन्स ने अपनी बढ़त बचाने के लिए डिफेंस को मजबूत किया और जवाबी हमलों के जरिए तीसरा गोल करने की कोशिश की। तीसरे क्वार्टर के बाद मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ नजर आने लगा।
चौथे क्वार्टर में बैलाडिला ने बराबर किया स्कोर
अंतिम क्वार्टर की शुरुआत बैलाडिला बुल्स के लिए बेहद अहम साबित हुई। टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसने इस अवसर को गोल में बदलकर स्कोर 2-2 कर दिया। दो गोल से पिछड़ने के बाद बराबरी हासिल करना बैलाडिला के शानदार संघर्ष को दर्शाता है।
इसके बाद मुकाबले में तनाव और रोमांच दोनों बढ़ गए। बैलाडिला बुल्स ने एक बार फिर हमला किया। सर्कल के बाहर से लगाए गए ‘टोमाहॉक’ शॉट के बाद टीम को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। बैलाडिला के पास बढ़त हासिल करने का अच्छा मौका था, लेकिन मैनपाट टाइटन्स के गोलकीपर अल्फाज खान ने बेहतरीन बचाव करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में जाने से रोक दिया।
इस बचाव ने मैनपाट को मुकाबले में बनाए रखा। दोनों टीमों के खिलाड़ी अब हर मौके को गोल में बदलने की कोशिश कर रहे थे। मैदान पर तेज गति, सटीक पास और गोलपोस्ट के सामने लगातार संघर्ष देखने को मिला।
प्रहलाद के गोल से मैनपाट फिर आगे
मुकाबले के निर्णायक क्षणों में मैनपाट टाइटन्स ने एक बार फिर बढ़त हासिल कर ली। प्रहलाद को सर्कल के भीतर खाली जगह मिली और उन्होंने शानदार ‘रिवर्स फ्लिक’ लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ मैनपाट टाइटन्स ने स्कोर 3-2 कर दिया।
प्रहलाद का यह गोल टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। बैलाडिला बुल्स ने जिस मेहनत से बराबरी हासिल की थी, उसके बाद मैनपाट का फिर आगे निकलना मुकाबले को और रोमांचक बना गया। अब बैलाडिला के सामने मैच के बचे हुए समय में बराबरी हासिल करने की चुनौती थी।
अंतिम क्षणों में निहाल हुसैन अंसारी ने बचाई बैलाडिला की उम्मीद
मैनपाट टाइटन्स की बढ़त के बावजूद बैलाडिला बुल्स ने अंतिम क्षणों तक संघर्ष जारी रखा। टीम ने गोल करने के लिए दबाव बनाए रखा और पेनल्टी कॉर्नर के मौके का फायदा उठाने की कोशिश की। इसी दौरान गेंद गोलकीपर के बचाव के बाद रिबाउंड के रूप में सामने आई।
बैलाडिला बुल्स के निहाल हुसैन अंसारी ने इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया। उन्होंने रिबाउंड पर शॉट लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ बैलाडिला ने स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया।
अंतिम समय में आए इस गोल ने मुकाबले का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया। दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए प्रयास किए, लेकिन निर्धारित समय समाप्त होने तक कोई भी टीम निर्णायक बढ़त नहीं बना सकी। आखिरकार मुकाबला 3-3 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
प्रहलाद और करण धनुक को मिला सम्मान
मैनपाट टाइटन्स और बैलाडिला बुल्स के बीच खेले गए मुकाबले में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी सराहा गया। मैनपाट की ओर से प्रहलाद ने आक्रमण में अहम भूमिका निभाई और गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’ चुना गया।
वहीं, करण धनुक को उनके प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार दिया गया। मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खेल भावना और संघर्ष का परिचय दिया। तीन-तीन गोल के साथ ड्रॉ रहा यह मैच छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के दूसरे दिन का आकर्षण बना।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में इस तरह के कड़े मुकाबले स्थानीय स्तर पर हॉकी के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच भी दे रहे हैं। मैनपाट टाइटन्स और बैलाडिला बुल्स के बीच मुकाबले में जिस तरह अंतिम क्षण तक नतीजे को लेकर अनिश्चितता बनी रही, उसने दर्शकों को रोमांचक हॉकी का अनुभव कराया।
