- Meta और Ray-Ban की AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस 21 नवंबर 2025 को Amazon इंडिया पर लॉन्च होने वाली हैं।
- ये ग्लासेस “वॉयस असिस्टेंट”, रियल-टाइम ऑब्जेक्ट पहचान, और AR इंटरफेस जैसी टेक फीचर्स के साथ आएंगी।
- यह कदम भारत में AI-वियरबल टेक्नोलॉजी के बढ़ते बाजार की ओर इशारा करता है।
Meta Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस: भारत में लॉन्च की विस्तृत जानकारी
1. लॉन्च की खास जानकारी
- Meta और Ray-Ban की Gen-1 स्मार्ट ग्लासेस 21 नवंबर 2025 को भारत में Amazon, Flipkart और Reliance Digital पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।
- इससे पहले, ये ग्लासेस सिर्फ Ray-Ban की वेबसाइट और चुनिंदा ऑप्टिकल स्टोर्स में उपलब्ध थीं।

2. कीमत और डिजाइन
- भारत में ये ग्लासेस ₹29,900 से शुरू होती हैं।
- डिजाइन ऑप्शन में शामिल हैं: क्लासिक Wayfarer (स्टैण्डर्ड और बड़े साइज में) और Skyler फ्रेम, साथ ही लेन्स विकल्प जैसे साफ़ (clear), सन, पोलराइज़्ड, और ट्रांज़िशन लेंस।
- प्रिस्क्रिप्शन लेन्स (चश्मे का लेन्स जो आपके विज़न के अनुसार बना हो) भी सपोर्ट किया गया है।
3. AI और टेक फीचर्स
- इन ग्लासेस में Meta AI असिस्टेंट की इंटीग्रेशन है — “Hey Meta” वॉयस कमांड देकर यूजर हैंड्स-फ्री बातचीत कर सकता है।
- 12 मेगापिक्सल कैमरा है जो फोटो क्लिक और वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता हैं।
- खुली-कान (open-ear) स्पीकर और माइक्रोफोन हैं, जिससे फोन आदी डिवाइसेस के बिना कॉल, म्यूज़िक और वॉयस कमांड इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
- भाषा अनुवाद (live translation) का फीचर है — इंग्लिश, फ्रेंच, स्पैनिश और इटालियन भाषाओं को रियल टाइम में ग्लासेस के ज़रिए सुना जा सकता है।
- ये ग्लासेस Meta AI ऐप के साथ जुड़ी हैं, जिससे यूजर अपनी वॉयस इंटरैक्शन हिस्ट्री देख सकते हैं और AI फीचर्स को कंट्रोल कर सकते हैं।
4. भारत-विशेष फीचर्स
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्लासेस में हिंदी सपोर्ट शामिल किया गया है।
- ऐसा भी कहा जा रहा है कि दीपिका पादुकोण की आवाज़ वाला AI वॉयस मॉडल ऑप्शन हो सकता है।
- पेमेंट फीचर्स में भी भारत-केन्द्रीत अपडेट है: कुछ रिपोर्ट्स में UPI Lite सपोर्ट का जिक्र है।
5. महत्व और संभावित असर
- यह भारत में AI-पावर्ड वेयरेबल टेक्नोलॉजी की तेजी से बढ़ती मांग का संकेत है।
- स्मार्ट ग्लासेस परंपरागत चश्मे डिजाइन के साथ AI क्षमताओं को जोड़ते हैं — यह एक फ्यूचरिस्टिक लेकिन उपयोगी वियरबल एक्सपीरियंस देता है।
- भाषा अनुवाद और वॉयस असिस्टेंट फीचर्स की मदद से ग्लासेस विशेष रूप से ट्रैवलर्स, पेशेवरों और टेक-शक्तिशाली यूज़र्स के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
- भारत-फोकस्ड फीचर्स (हिंदी, UPI) यह दर्शाते हैं कि Meta ग्लासेस को भारतीय मार्केट की ज़रूरतों के अनुरूप बना रही है, जिससे यह अधिक प्रासंगिक और लोकप्रिय हो सकता है।
6. कुछ चुनौतियाँ और यूज़र रिएक्शन
- बैटरी लाइफ: यूज़र्स की कुछ टिप्पणियाँ हैं कि चार्ज थोड़ी जल्दी खत्म हो जाती है।
- वॉयस असिस्टेंट की परफ़ॉर्मेंस: कुछ यूज़र कहते हैं कि AI अभी “गुणवत्ता में मानक चैटबॉट्स” जैसा नहीं है।
- प्राइवेसी: क्योंकि इसमें कैमरा और माइक्रोफोन हैं, यूज़र्स को यह ध्यान देना होगा कि वे कब और कहाँ इसका इस्तेमाल करें।
