छत्तीसगढ़ में भूमि की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस आज राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत हर जिले में रैली, पुतला दहन और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।

🔹 क्या है मामला?
सरकार द्वारा हाल ही में भूमि की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि:
- यह निर्णय आम जनता पर बोझ बढ़ाने वाला है
- जमीन खरीदने वालों, किसानों और मध्यम वर्ग को नुकसान होगा
- बढ़ी हुई दरों का असर रजिस्ट्री शुल्क और सम्पत्ति मूल्य पर पड़ेगा
कांग्रेस ने इसे “जनविरोधी निर्णय” बताया है।
🔹 कांग्रेस की मुख्य मांगें
कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से स्पष्ट रूप से कहा है:
“गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।”
🔹 आज का कार्यक्रम
आज सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन का निम्न कार्यक्रम तय है:
| कार्यक्रम | समय | विवरण |
|---|---|---|
| प्रदर्शन एवं रैली | सुबह से | कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे |
| पुतला दहन | दोपहर | सरकारी निर्णय के विरोध में |
| पत्रकार वार्ता | प्रदर्शन के बाद | मीडिया के सामने कांग्रेस अपना पक्ष रखेगी |
🔹 कांग्रेस नेतृत्व का बयान
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा:
- यह फैसला जनता की समस्याओं को बढ़ाने वाला है
- सरकार ने बिना सोच-समझ और जनहित को ध्यान में रखे निर्णय लिया
- कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी
🔹 कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस का कहना है कि:
- जमीन खरीदने वालों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा
- छोटे व्यवसायियों, मकान बनाने वाले लोगों और किसानों पर सीधा असर पड़ेगा
- इससे रियल एस्टेट और आम नागरिकों दोनों पर आर्थिक भार बढ़ेगा
🔹 आंदोलन जारी रहेगा
कांग्रेस ने ऐलान किया है कि:
“जब तक गाइडलाइन दरें वापस नहीं ली जातीं, विरोध अभियान चलता रहेगा।”
आगे यह आंदोलन जिला → संभाग → फिर राज्य स्तरीय आंदोलन में बदल सकता है।
🔚 निष्कर्ष
गाइडलाइन दरों को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो चुका है। कांग्रेस जहां इसे आम आदमी पर हमला बता रही है, वहीं सरकार का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति को गर्म कर सकता है।
