दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब राजधानी में फ्री बस सफर के लिए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ बनवाना जरूरी होगा।
नई व्यवस्था लागू करते हुए दिल्ली सरकार ने पहले से चल रही पिंक टिकट योजना को बंद कर दिया है, जिसे अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में शुरू किया गया था। उस योजना के तहत महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा के लिए पिंक टिकट जारी किए जाते थे।
अब सरकार का कहना है कि स्मार्ट कार्ड सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और तकनीकी रूप से व्यवस्था ज्यादा मजबूत होगी।

📍 कहां बनवाएं पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड?
दिल्ली सरकार ने राजधानी में 50 केंद्रों पर पंजीकरण की सुविधा शुरू की है। इनमें शामिल हैं:
- सभी जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय
- विभिन्न एसडीएम (SDM) कार्यालय
- Delhi Transport Corporation (DTC) के प्रमुख डिपो और सेंटर
महिलाएं अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकती हैं।
📄 जरूरी दस्तावेज
कार्ड बनवाने के लिए निम्न दस्तावेज साथ रखें:
- पहचान पत्र (आधार कार्ड / वोटर आईडी आदि)
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो (यदि आवश्यक हो)
सरकार ने महिलाओं से अपील की है कि भीड़ से बचने के लिए पहले अपने नजदीकी केंद्र की जानकारी लें और समय पर पहुंचकर प्रक्रिया पूरी करें।
🏢 उपायुक्त कार्यालयों की सूची
- उपायुक्त कार्यालय, मध्य जिला
- उपायुक्त कार्यालय, पूर्वी जिला
- उपायुक्त कार्यालय, नई दिल्ली जिला
- उपायुक्त कार्यालय, उत्तर पूर्वी जिला
- उपायुक्त कार्यालय, उत्तर पश्चिमी जिला
- उपायुक्त कार्यालय, दक्षिण जिला
- उपायुक्त कार्यालय, दक्षिण पश्चिमी जिला
- उपायुक्त कार्यालय, पश्चिमी जिला
- उपायुक्त कार्यालय, दक्षिण पूर्वी जिला
- उपायुक्त कार्यालय, पुरानी दिल्ली जिला
- उपायुक्त कार्यालय, मध्य उत्तर जिला
- उपायुक्त कार्यालय, बाहरी उत्तर जिला
🏛️ एसडीएम कार्यालयों की सूची
- एसडीएम कार्यालय, दिल्ली कैंट
- एसडीएम कार्यालय, आदर्श नगर
- एसडीएम कार्यालय, यमुना विहार
- एसडीएम कार्यालय, किराड़ी और नांगलोई जाट
- एसडीएम कार्यालय, महरौली
- एसडीएम कार्यालय, द्वारका
- एसडीएम कार्यालय, बदरपुर
- एसडीएम कार्यालय, बवाना
(इसके अलावा अन्य चयनित एसडीएम कार्यालय और DTC डिपो भी शामिल हैं।)
🔍 क्या बदलेगा?
- बस में मुफ्त यात्रा के लिए अब पिंक टिकट मान्य नहीं होगा
- केवल वैध ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ रखने वाली महिलाएं ही मुफ्त यात्रा कर सकेंगी
- डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए लाभार्थियों का डाटा सुरक्षित रहेगा
सरकार का दावा है कि यह कदम व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाएगा।
