बलौदाबाज़ार जिले के कसडोल विकासखंड में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम कटगी में बिना मानकों के चल रहे एक निजी हॉस्पिटल पर छापेमारी के बाद उसे तत्काल सील कर दिया गया। छापेमारी में जो खुलासे हुए, वे गंभीर सवाल खड़े करते हैं — न डॉक्टर, न नर्स… और फिर भी चल रहा था इलाज!

कसडोल के ग्राम कटगी में संचालित संस्कार हॉस्पिटल पर आज तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की।
एसडीएम रामरतन दुबे के नेतृत्व में तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग की टीम जब अस्पताल पहुंची तो वहां की वास्तविकता देखकर सब हैरान रह गए।
अस्पताल में न ही कोई पंजीकृत डॉक्टर मौजूद था,
न स्टाफ नर्स,
न एनेस्थीसिया एक्सपर्ट,
और न ही स्त्री रोग विशेषज्ञ।
यानी गंभीर बीमारियों और प्रसव जैसे मामलों में भी बिना किसी योग्य चिकित्सक अथवा विशेषज्ञ के उपचार चल रहा था—जो सीधा-सीधा नर्सिंग एक्ट और हेल्थ सेफ्टी नियमों का उल्लंघन है।
बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही
जांच टीम ने पाया कि अस्पताल में बायो-वेस्ट को न तो निर्धारित मानकों के अनुसार अलग किया जा रहा था और न ही उसका सुरक्षित निस्तारण किया जा रहा था।
इससे संक्रमण फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ था।
शिकायत सही पाई गई, प्रशासन की सख्त कार्रवाई
स्थानीय लोगों द्वारा अस्पताल की अनियमितताओं की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं। आज जांच के दौरान सभी आरोप सही पाए गए।
इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से
✔ संस्कार हॉस्पिटल को सील कर दिया,
✔ अस्पताल संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी,
✔ और दस्तावेज़ों की जांच शुरू कर दी है।
एसडीएम ने बताया कि बिना योग्य डॉक्टर और बिना लाइसेंस के किसी भी प्रकार का इलाज करना कानूनन अपराध है। आगे संबंधितों पर कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
