वित्तमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी शिक्षा के भविष्य हैं, जहाँ स्मार्ट क्लासरूम इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट का उपयोग करके सीखने को दिलचस्प बनाते हैं। वहीं आधुनिक लाइब्रेरी किताबों के साथ-साथ ई-बुक्स, डेटाबेस और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं से लैस ज्ञान केंद्र बन गए हैं, जो छात्रों को 21 वीं सदी के कौशल और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव प्रदान करते हैं।

राज्य के वित्तमंत्री श्री चौधरी ने आज शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और तकनीक-आधारित शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है, और सरकार इसी लक्ष्य के साथ शिक्षा अवसंरचना को लगातार सुदृढ़ कर रही है।
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री ने बताया कि स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल बोर्ड, ऑडियो-विजुअल कंटेंट, ऑनलाइन लर्निंग संसाधन और इंटरएक्टिव शिक्षण पद्धतियों का लाभ मिलेगा। इससे पढ़ाई अधिक रोचक, प्रभावी और व्यावहारिक बनेगी, साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शैक्षणिक अंतर को भी कम किया जा सकेगा।
उन्होंने आधुनिक लाइब्रेरी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ, ई-बुक्स, डिजिटल जर्नल और अध्ययन के लिए शांत व सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। यह लाइब्रेरी छात्रों में अध्ययन की आदत विकसित करने और शोध व नवाचार को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होगी।
वित्तमंत्री चौधरी ने शिक्षकों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नई तकनीकों के साथ शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान कर सकेंगे। सरकार शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान दे रही है, ताकि तकनीक का अधिकतम और सार्थक उपयोग हो सके।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की उपस्थिति रही। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम के अंत में वित्तमंत्री ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और आधुनिक संसाधनों का सही उपयोग कर प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव, विभागीय अधिकारी, शिक्षक-कर्मचारी एवं अभिभावक उपस्थित थे। केवड़ाबाड़ी विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम जिले में शिक्षा उन्नयन और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
