इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ने के बावजूद भारत में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने और टैक्स देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संसद में केंद्र सरकार द्वारा पेश ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में टैक्स देने वालों की संख्या में 50.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं, ज़ीरो टैक्स रिटर्न फाइलर्स (जिन पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती) की संख्या में भी इज़ाफा हुआ है, लेकिन उनकी हिस्सेदारी अब घट रही है।

चार साल में टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव
2020–21 का आंकड़ा
- 📄 कुल ITR फाइल: 6.72 करोड़
- 🟡 ज़ीरो टैक्स फाइलर्स: 4.84 करोड़
- 💰 टैक्स देने वाले: 1.88 करोड़
- 📊 ज़ीरो टैक्स फाइलर्स की हिस्सेदारी: 72%
- 📊 टैक्स पेयर्स की हिस्सेदारी: 28%
2024–25 तक का हाल
- 🟡 ज़ीरो टैक्स फाइलर्स: 5.58 करोड़
- 💰 टैक्स देने वाले: 2.82 करोड़
- 📊 ज़ीरो टैक्स फाइलर्स की हिस्सेदारी घटकर: 66%
- 📊 टैक्स पेयर्स की हिस्सेदारी बढ़कर: 34%
👉 साफ है कि टैक्स देने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है, जबकि ज़ीरो टैक्स फाइलर्स का अनुपात घटा है।
टैक्स देने वालों में 1 करोड़ की बढ़ोतरी कैसे हुई?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं 👇
1️⃣ टेक्नोलॉजी का असर
- 🤖 AI आधारित सिस्टम
- 🧾 Faceless Assessment
- 📲 आसान ऑनलाइन ITR फाइलिंग
इन सुधारों से टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ा है।
2️⃣ टैक्स कानूनों का सरलीकरण
- कम जटिल नियम
- कम नोटिस और डर
- पहले टैक्स बचाने की सोच रखने वाले लोग अब सीधे टैक्स देना बेहतर समझ रहे हैं
3️⃣ COVID के बाद इनकम में सुधार
- 💼 सैलरी क्लास की इनकम बढ़ी
- 🏭 बिजनेस और MSME सेक्टर में रिकवरी
- 🏢 कॉर्पोरेट मुनाफे में तेज़ उछाल
👉 इसका सीधा असर टैक्स कलेक्शन और टैक्स बेस पर पड़ा।
दक्षिण भारत में ज़ीरो टैक्स फाइलर्स क्यों बढ़े?
उत्तर भारत की तुलना में दक्षिणी राज्यों में ज़ीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या तेज़ी से बढ़ी है।
राज्यवार स्थिति
- 📍 तेलंगाना: 5 साल में ज़ीरो टैक्स फाइलर्स 3 गुना
- 📍 केरल: लगभग 2.5 गुना
- 📍 तमिलनाडु: करीब 1.25 गुना
विशेषज्ञों की राय
- ज़्यादातर युवा अपनी पहली नौकरी
- तेलंगाना
- तमिलनाडु
- कर्नाटक
जैसे राज्यों में शुरू करते हैं
- कम सैलरी होने के बावजूद:
- PAN कार्ड बनता है
- बैंक अकाउंट खुलता है
- PF में योगदान शुरू होता है
- टैक्स छूट का फायदा लेकर वे ज़ीरो टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं
इससे वहां ज़ीरो टैक्स फाइलर्स की संख्या तेज़ी से बढ़ी।
उत्तर भारत में टैक्स देने वालों की तेज़ बढ़त
उत्तर भारत में अब ऐसे लोग भी टैक्स सिस्टम से जुड़ रहे हैं, जो पहले टैक्स नहीं देते थे।
टैक्स देने वालों की बढ़ोतरी में टॉप राज्य
1️⃣ हरियाणा – पहला स्थान
2️⃣ गुजरात – दूसरा स्थान
3️⃣ बिहार – तीसरा स्थान
7️⃣ मध्य प्रदेश – सातवां स्थान
👉 हरियाणा में टैक्स देने वालों की संख्या में सबसे तेज़ उछाल देखा गया है।
लोग अब टैक्स क्यों देना पसंद कर रहे हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार 👇
- टैक्स छूट की सीमा बढ़ने से
- लोगों को डर नहीं रहा कि टैक्स भरने से परेशानी होगी
- वे सोचते हैं कि इनकम घोषित करने से भविष्य में नोटिस और जांच से बचा जा सकता है
इसी कारण पिछले 5 सालों में करीब 1 करोड़ नए टैक्सपेयर सिस्टम से जुड़े हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
✔️ टैक्स सिस्टम में भरोसा बढ़ा
✔️ टैक्स देने वालों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर
✔️ घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत
✔️ टेक्नोलॉजी और सुधारों का साफ असर
👉 आने वाले वर्षों में टैक्स बेस और टैक्स कलेक्शन दोनों के और मजबूत होने की उम्मीद है।
