रायपुर। रायपुर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में आग लगने की घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने जहां कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार छिपाने की साजिश करार दिया है।

कांग्रेस पर भाजपा विधायक का बड़ा आरोप
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि DEO कार्यालय में लगी आग कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे सोची-समझी साजिश हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों के भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए कांग्रेसियों ने जानबूझकर आग लगाई, ताकि उनके कार्यकाल में हुए घोटालों से जुड़े अहम दस्तावेज नष्ट हो जाएं।
मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता खुद आग लगाकर अब हंगामा कर रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि असल उद्देश्य भ्रष्टाचार के सबूत मिटाना है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेसियों की भूमिका के एंगल से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए।
“जीरो टॉलरेंस की सरकार, हर घोटाले की होगी जांच”
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गए पत्र पर जांच के निर्देश दिए जाने को लेकर पुरंदर मिश्रा ने कहा कि इससे कांग्रेस खेमे में बेचैनी है। उन्होंने ननकीराम कंवर को वरिष्ठ और ईमानदार नेता बताते हुए कहा कि वे लगातार भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर रहे हैं।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान DMF घोटाला हुआ था, जिसकी शिकायत भी की गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की सरकार है और हर घोटाले की जांच होगी, चाहे वह किसी भी स्तर का हो।
कांग्रेस ने भी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस आगजनी की घटना को षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि DEO कार्यालय में जानबूझकर आग लगाई गई और जांच शुरू होने से पहले ही भवन को तोड़ दिया गया, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।
दीपक बैज के अनुसार, आग में जो दस्तावेज जले हैं, उनमें कई महत्वपूर्ण वित्तीय फाइलें और नियुक्तियों से जुड़ी फाइलें शामिल थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश है और सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है।
निष्पक्ष जांच की मांग
आगजनी की इस घटना को लेकर दोनों ही दल निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप के चलते मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। फिलहाल प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
DEO कार्यालय में लगी आग की घटना ने न सिर्फ प्रशासनिक सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी नई हलचल पैदा कर दी है।
