भिलाईनगर। एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बाइक घर में खड़ी रही लेकिन मालिक के नाम पर लगातार ई-चालान कटते रहे। यह मामला आम्रपाली वनांचल सिटी निवासी ज्योति कांत अग्रवाल से जुड़ा है, जिन्हें पिछले करीब दो साल से ट्रैफिक नियम उल्लंघन के चालान मिलते रहे, जबकि उन्होंने अपनी बाइक कहीं चलाया ही नहीं था।
🔍 कैसे हुआ पूरा खेल?
जांच में पता चला कि अविनाश नायक नाम का एक युवक, जो रायपुर का रहने वाला है, उसने अपनी बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई हुई थी। यह नंबर प्लेट CG 07 BK 7848 थी, जो असल में अग्रवाल की बजाज एवेंजर 220 सीसी बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर है।
आरोपी रायपुर के बॉम्बे मार्केट से मिलेनियम प्लाजा के बीच ट्रैफिक नियम तोड़ता रहा, और उसके हर उल्लंघन का ई-चालान सीधे भिलाई में बैठे असली वाहन मालिक के पास पहुंचता रहा।
🚨 2 साल में 11 चालान, 47,500 रुपए का जुर्माना
7 नवंबर 2023 से 29 मार्च 2026 के बीच कुल 11 ई-चालान जारी हुए, जिनकी कुल राशि 47,500 रुपए थी। इनमें कई बार 5000 रुपए तक के भारी चालान शामिल थे।
यह स्थिति इसलिए और गंभीर थी क्योंकि भविष्य में किसी बड़े कानूनी मामले में फंसने का खतरा भी बन गया था।
📝 शिकायत के बाद खुलासा
आखिरकार परेशान होकर ज्योति कांत अग्रवाल ने 20 अप्रैल को दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया।
⚖️ आरोपी गिरफ्तार
जांच के बाद आरोपी अविनाश नायक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने कबूल किया कि वह अपनी गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा था, ताकि चालान से बच सके।
⚠️ क्या सीख मिलती है?
यह मामला वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है—
- समय-समय पर अपने वाहन के ई-चालान स्टेटस जरूर चेक करें
- अगर बिना वजह चालान आए, तो तुरंत शिकायत करें
- नंबर प्लेट की डुप्लीकेसी अब एक गंभीर अपराध बनता जा रहा है
👉 कुल मिलाकर, यह केस दिखाता है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कैसे आम लोगों को परेशानी में डाल सकता है, लेकिन समय पर शिकायत करने से सच्चाई सामने आ सकती है।

