भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक बार फिर महादेव सट्टा एप को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रायपुर में आयोजित प्रेस बयान में कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महादेव सट्टा एप का खुलेआम प्रचार-प्रसार हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई करती नजर नहीं आ रही।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जिस सरकार के पास सोशल मीडिया पर आम लोगों की पोस्ट और अकाउंट तक मॉनिटर करने की क्षमता है, क्या उसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे महादेव सट्टा एप के विज्ञापनों की जानकारी नहीं है? पार्टी का आरोप है कि यदि सरकार चाहती तो इन विज्ञापनों पर तत्काल रोक लगाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार का “संरक्षण” बताया।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने महादेव बेटिंग एप मामले को बड़ा मुद्दा बनाते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और संरक्षण देने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
कांग्रेस का कहना है कि अब जबकि राज्य और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है और “डबल इंजन सरकार” को करीब ढाई साल हो चुके हैं, तब भी महादेव एप पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। पार्टी ने पूछा कि आखिर क्यों महादेव एप के कथित मुख्य आरोपियों रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी को गिरफ्तार कर भारत नहीं लाया जा सका।
कांग्रेस ने शुभम सोनी के उस वीडियो का भी जिक्र किया, जिसे भाजपा ने चुनाव के दौरान अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जारी किया था। कांग्रेस ने भाजपा से पूछा कि यह वीडियो उनके पास कहां से आया और किस माध्यम से उपलब्ध कराया गया।
पार्टी ने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार इस पूरे मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करे तथा सोशल मीडिया पर चल रहे कथित सट्टा एप के प्रचार पर सख्त कार्रवाई करे। वहीं भाजपा की ओर से अभी तक कांग्रेस के इन ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
