✅ 🏛️ बैठक का आयोजन:
- 📍 स्थान: सर्किट हाउस, नवा रायपुर, छत्तीसगढ़
- 📆 तिथि: मंगलवार
- 🧑✈️ अध्यक्षता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- उद्देश्य:
- एंटी नक्सल ऑपरेशन की समीक्षा
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा
✅ 🎯 बैठक में प्रमुख चर्चा के बिंदु:
1️⃣ नक्सल विरोधी अभियान पर चर्चा:
- नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई की गहराई से समीक्षा की गई।
- सुरक्षा बलों के जवानों की भूमिका को सराहा गया।
- मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त होगा।
- यह संकल्प पूरा करने की अटल प्रतिबद्धता जताई गई।

2️⃣ विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा:
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को कैसे प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, इस पर विस्तृत विचार-विमर्श।
- ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए रणनीति बनाई गई।
- जनता का विश्वास जीतने पर विशेष बल दिया गया ताकि वे नक्सलवाद से दूर आएं।
- ग्राम-ग्राम में योजनाओं की निगरानी व कार्यान्वयन के उपाय पर ध्यान दिया गया।
✅ 👥 बैठक में उपस्थित मुख्य सदस्य:
- विष्णु देव साय – मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ (अध्यक्ष)
- विजय शर्मा – उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़
- अमिताभ जैन – मुख्य सचिव
- अरुण देव गौतम – पुलिस महानिदेशक
- मनोज कुमार पिंगुआ – अपर मुख्य सचिव गृह
- राहुल भगत – मुख्यमंत्री के सचिव
- वरिष्ठ अधिकारी:
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police)
- बीएसएफ (Border Security Force)
- एसएसबी (Sashastra Seema Bal)
- सीआईएसएफ (Central Industrial Security Force)
- भारतीय वायुसेना
- छत्तीसगढ़ पुलिस
✅ 🌟 निष्कर्ष:
- बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि नक्सलवाद को समाप्त करना प्राथमिकता में है।
- विकास कार्यों को प्रभावी रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की रणनीति पर जोर दिया गया।
- सुरक्षा बलों की मेहनत, नक्सलियों से लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
- शासन का लक्ष्य 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करना है, ताकि छत्तीसगढ़ पूरी तरह से सुरक्षित और विकासशील राज्य बन सके।
👉 यह बैठक राज्य सरकार की सुरक्षा नीति और विकास की संयुक्त रणनीति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
