7 जनवरी तक एकमात्र जिला जहां MSP पर हुई खरीदी, किसानों को सीधा लाभ
राजनांदगांव। प्रदेश में किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के तहत राजनांदगांव जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 7 जनवरी की स्थिति में पूरे राज्य में केवल राजनांदगांव जिला ही ऐसा जिला है, जहां समर्थन मूल्य (MSP) पर सोयाबीन खरीदी कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करने का गौरव हासिल किया गया है।

🌾 प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत खरीदी
राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत खरीफ सीजन में
- सोयाबीन
- अरहर (तुअर)
- उड़द
- मूंग
फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए अधिसूचना जारी की गई है।
🏢 जिले में 15 उपार्जन केंद्र किए गए चिन्हित
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत राजनांदगांव जिले में कुल 15 उपार्जन केंद्रों को चिन्हित किया गया है।
इसके साथ ही—
- सभी कृषक उत्पादक संगठन (FPO)
- सहकारी समितियों
को भी उपार्जन केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है, जिससे किसानों को अपने नजदीकी केंद्र पर फसल बेचने की सुविधा मिल सके।
🏛️ नाफेड के माध्यम से हो रही खरीदी
राज्य सरकार द्वारा नाफेड (NAFED) के माध्यम से जिले में खरीफ दलहन और तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। इसके लिए समर्थन मूल्य पहले ही घोषित कर दिया गया है, ताकि किसानों को बाजार मूल्य के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखा जा सके।
💰 समर्थन मूल्य (MSP) इस प्रकार निर्धारित
सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य इस प्रकार है—
- सोयाबीन – ₹ 5,328 प्रति क्विंटल
- मूंग – ₹ 8,768 प्रति क्विंटल
- उड़द – ₹ 7,800 प्रति क्विंटल
- अरहर (तुअर) – ₹ 8,000 प्रति क्विंटल
📏 उपार्जन सीमा भी तय
फसलवार उपार्जन सीमा भी निर्धारित की गई है—
- सोयाबीन – 5 क्विंटल प्रति एकड़
- उड़द, अरहर एवं मूंग – 3 क्विंटल प्रति एकड़
इस सीमा के तहत ही किसानों से खरीदी की जा रही है।
🌱 किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होने से
- किसानों को उचित मूल्य की गारंटी
- बिचौलियों से मुक्ति
- समय पर भुगतान
जैसे कई लाभ मिलेंगे। जिले में खरीदी की इस पहल को किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
⭐ अन्य जिलों के लिए बनेगा मॉडल
राजनांदगांव जिले की यह उपलब्धि आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए मॉडल साबित हो सकती है। सरकार की मंशा है कि जल्द ही अन्य जिलों में भी इसी तरह समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीदी शुरू की जाए।
