मुंगेली। देश को वर्ष 2030 तक फाइलेरिया (हाथीपांव) मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए मुंगेली जिले में सामूहिक दवा सेवन महाअभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 25 फरवरी तक संचालित होगा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर नागरिकों को निःशुल्क दवा खिलाई जा रही है।

🎯 1 लाख से अधिक लोगों को दी जा चुकी है दवा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि जिले में अब तक 1 लाख 06 हजार 300 से अधिक लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जा चुकी है।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने स्वयं जवाहर नवोदय विद्यालय दाबो पहुंचकर विद्यार्थियों को दवा सेवन कराया और बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। इस दौरान विद्यालय के 300 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने दवा सेवन किया।
💊 किन दवाओं का कराया जा रहा सेवन
अभियान के तहत नागरिकों को संयुक्त रूप से तीन प्रकार की दवाएं दी जा रही हैं:
- डी.ई.सी. (Diethylcarbamazine)
- एल्बेंडाजोल (Albendazole)
- आईवरमेक्टिन (Ivermectin)
हालांकि, 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जा रही है।
🏥 जिले में बनाए गए 1620 बूथ, हजारों कर्मचारी तैनात
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेभर में व्यापक व्यवस्था की गई है:
- मुंगेली विकासखंड – 660 बूथ
- लोरमी विकासखंड – 560 बूथ
- पथरिया विकासखंड – 400 बूथ
- कुल बूथ – 1620
अभियान में
- 1790 दल
- 3580 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी
नागरिकों को दवा सेवन करा रहे हैं।
📊 8.51 लाख लोगों को दवा देने का लक्ष्य
जिले में इस अभियान के तहत कुल 8 लाख 51 हजार 895 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान को तीन चरणों में चलाया जा रहा है:
पहला चरण (12 फरवरी तक):
- स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में दवा सेवन
दूसरा चरण (13 से 22 फरवरी):
- स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी
तीसरा चरण (23 से 25 फरवरी):
- छूटे हुए लोगों को मॉप-अप राउंड के तहत दवा दी जाएगी
🚶♂️ घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य टीम
जो लोग किसी कारण से बूथ या संस्थानों में दवा नहीं ले पाए हैं, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर दवा सेवन सुनिश्चित कर रही हैं। इससे कोई भी व्यक्ति अभियान से वंचित न रहे।
⚠️ दवा पूरी तरह सुरक्षित, अफवाहों से बचने की अपील
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है और विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण के बाद ही इसका उपयोग किया जा रहा है।
कुछ लोगों में दवा सेवन के बाद हल्के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे:
- हल्का बुखार
- सिर दर्द
- पेट दर्द
- चक्कर या नींद आना
ये सामान्य प्रतिक्रियाएं हैं और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मुंगेली के ग्राम भरदा में कुछ बच्चों और एक बुजुर्ग द्वारा थकान और पेट दर्द की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच में सभी लोग पूरी तरह स्वस्थ पाए गए।
🦠 फाइलेरिया क्या है और क्यों जरूरी है दवा सेवन
फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिसे आम भाषा में हाथीपांव कहा जाता है। यह मच्छरों के जरिए फैलती है और इससे शरीर के अंगों में स्थायी सूजन हो सकती है।
समय पर दवा सेवन करने से इस बीमारी से बचाव संभव है।
📢 प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि:
- फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सक्रिय भाग लें
- स्वास्थ्य टीम द्वारा दी जा रही दवा का सेवन अवश्य करें
- किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें
यह अभियान जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
