अमेरिका के शेयर बाजार में 6 मार्च को बड़ी गिरावट देखने को मिली। Dow Jones Industrial Average 453 अंक (0.95%) गिरकर 47,501 पर बंद हुआ।
वहीं टेक कंपनियों वाला NASDAQ Composite 361 अंक (1.59%) गिरकर 22,387 पर बंद हुआ और S&P 500 90 अंक (1.33%) गिरकर 6,740 पर आ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि Israel और Iran के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों को डरा दिया है।

एशियाई बाजारों में रही तेजी
जहां अमेरिकी बाजार गिरावट में बंद हुए, वहीं एशियाई बाजारों में बढ़त देखने को मिली।
- KOSPI (दक्षिण कोरिया) – 0.017% बढ़कर 5,585
- Nikkei 225 (जापान) – 343 अंक बढ़कर 55,621
- Hang Seng Index (हॉन्ग कॉन्ग) – 436 अंक बढ़कर 25,757
- Shanghai Composite Index (चीन) – 15.63 अंक बढ़कर 4,124
भारतीय शेयर बाजार भी दबाव में
वैश्विक संकेतों का असर भारत पर भी पड़ा।
- BSE Sensex 1,097 अंक (1.37%) गिरकर 78,919 पर बंद हुआ
- Nifty 50 315 अंक (1.27%) गिरकर 24,450 पर बंद हुआ
इस गिरावट में बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई।
US शेयर बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण
1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से Brent Crude Oil की कीमत 7.15% बढ़कर $91.52 प्रति बैरल पहुंच गई है।
तेल महंगा होने से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव पड़ता है।
2. अमेरिका में रोजगार के कमजोर आंकड़े
अमेरिका के Bureau of Labor Statistics के डेटा के अनुसार:
- नॉन-फार्म पेरोल में 92,000 की गिरावट आई
- बेरोजगारी दर बढ़कर 4.4% हो गई
यह संकेत देता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
3. स्टैगफ्लेशन का खतरा
मार्केट में सबसे बड़ा डर Stagflation का है।
इस स्थिति में
- आर्थिक विकास धीमा हो जाता है
- लेकिन महंगाई लगातार बढ़ती रहती है
कमजोर जॉब डेटा और बढ़ती तेल कीमतों ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है।
4. ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम
निवेशकों को उम्मीद थी कि Federal Reserve इस साल कम से कम दो बार ब्याज दरों में कटौती करेगा।
लेकिन अब महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण यह उम्मीद घटकर सिर्फ एक कटौती तक रह गई है।
उच्च ब्याज दरें आमतौर पर शेयर बाजार के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।
5. रिटेल सेक्टर की कमजोर कमाई
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की कई रिटेल कंपनियों की कमाई उम्मीद से कम रही।
इसका मतलब है कि
- अमेरिकी उपभोक्ता खर्च कम कर रहे हैं
- आर्थिक गतिविधियों की गति धीमी पड़ सकती है
इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ।
✅ निष्कर्ष:
मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, कमजोर रोजगार डेटा और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता—इन सभी कारणों से अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। अगर ये हालात लंबे समय तक बने रहे तो इसका असर वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों पर भी जारी रह सकता है।
