राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में हुए इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। ताजा अपडेट के साथ पूरा मामला विस्तार से समझिए:
🔴 कैसे हुआ हादसा?
- मंगलवार रात अस्पताल के सीवरेज टैंक (STP) की सफाई के लिए 3 मजदूर उतरे
- टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आने से तीनों बेहोश हो गए
- मौके पर ही तीनों की मौत हो गई
👉 बाद में रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला।

😡 हादसे के बाद हंगामा
- घटना की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे
- अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ
- पुलिस और लोगों के बीच झूमाझटकी (धक्का-मुक्की) भी हुई
- हालात संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा
⚠️ शवों के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा:
- शवों को जल्दबाजी में और लापरवाही से एम्बुलेंस में रखा गया
- “कचरे की तरह” फेंककर शिफ्ट करने के आरोप
- देर रात शवों को चुपचाप
➤ डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) ले जाया गया
👉 इससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया।
🧾 मृतकों की पहचान
- गोविंद सेंद्रे
- अनमोल मचकन
- प्रशांत कुमार
👉 तीनों सिमरन सिटी के निवासी थे
🏥 पोस्टमार्टम और जांच
- तीनों शवों का पोस्टमार्टम अंबेडकर अस्पताल में किया जा रहा है
- मर्चुरी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
- पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है
आरोप: लापरवाही और नियमों की अनदेखी
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए:
- बिना सुरक्षा उपकरण के टैंक में उतारा गया
- प्रशिक्षित टीम की जगह सामान्य मजदूरों से काम कराया गया
- खर्च बचाने के लिए सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज किया गया
👉 अगर गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन मास्क जैसे उपकरण होते तो हादसा टल सकता था।
🏢 अस्पताल प्रबंधन का बयान
अस्पताल प्रबंधन ने कहा:
- घटना दुर्भाग्यपूर्ण है
- यह हादसा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में मेंटेनेंस के दौरान हुआ
- मजदूर बाहरी कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के थे
- एजेंसी को नोटिस जारी कर आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है
👉 साथ ही प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने की बात कही गई है।
❗ सबसे बड़ा सवाल
- क्या बिना सुरक्षा के मजदूरों को टैंक में उतारना गंभीर लापरवाही नहीं?
- क्या कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के नाम पर जिम्मेदारी से बचा जा सकता है?
📌 निष्कर्ष
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि:
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी
- और मानवता पर सवाल
दोनों को उजागर करता है।
