Raipur Municipal Corporation में टैंकर से पानी सप्लाई के ठेके को लेकर बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आने का दावा किया गया है। Akash Tiwari ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले दो वर्षों में पानी टैंकर सप्लाई के नाम पर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। मामले में अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

1.50 करोड़ के टेंडर में 3.73 करोड़ का भुगतान
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के मुताबिक वर्ष 2024 और 2025 में पानी सप्लाई के लिए कुल 1.50 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन भुगतान 3.73 करोड़ रुपए तक कर दिया गया। यानी निर्धारित राशि से करीब 2.23 करोड़ रुपए अधिक खर्च किए गए।
उनका आरोप है कि:
- 2025 में 1 करोड़ रुपए के टेंडर के बदले लगभग 2.05 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ।
- 2024 में 50 लाख रुपए के टेंडर के बदले करीब 1.68 करोड़ रुपए जारी किए गए।
2025 में जोनवार भुगतान का ब्योरा
दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2025 में अलग-अलग जोनों में टैंकर सप्लाई के लिए लाखों रुपए का भुगतान किया गया—
- जोन-2 : 15.98 लाख
- जोन-3 : 30.29 लाख
- जोन-4 : 6.97 लाख
- जोन-5 : 29 लाख
- जोन-6 : 3.92 लाख
- जोन-7 : 7.37 लाख
- जोन-8 : 38.80 लाख
- जोन-9 : 63.12 लाख
- जोन-10 : 11.53 लाख रुपए
आरोप है कि केवल एक करोड़ के ठेके पर दो करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया।
2024 में भी हुआ अतिरिक्त भुगतान
वर्ष 2024 में 50 लाख रुपए के टेंडर के मुकाबले 1.68 करोड़ रुपए का भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। उस दौरान प्रति टैंकर 495 रुपए की दर से भुगतान किया गया।
छह कंपनियों पर सिंडिकेट बनाने का आरोप
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि छह अलग-अलग ठेका कंपनियों ने एक ही दर पर टेंडर भरा। सभी को एल-1 मानते हुए काम आवंटित कर दिया गया।
इन कंपनियों के नाम इस प्रकार हैं—
- Keshav Prasad Pandey
- Pragya Construction
- Parimal Kashyap
- Arvind Singh Thakur
- Praveen Dixit
- Rafiq Ahmad
आकाश तिवारी ने सवाल उठाया कि आखिर वर्षों से सिर्फ इन्हीं छह कंपनियों को काम क्यों दिया जा रहा है? सभी कंपनियों द्वारा एक ही रेट और एक जैसी तारीख पर टेंडर भरना “संयोग नहीं बल्कि षड्यंत्र” प्रतीत होता है।
महापौर मीनल चौबे ने जांच के दिए संकेत
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए Meenal Choubey ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन होगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान पानी संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त टैंकर चलाने पड़े होंगे, जिसके कारण भुगतान बढ़ा हो सकता है।
साथ ही उन्होंने यह भी माना कि सभी कंपनियों द्वारा एक समान रेट देना संभवतः आपसी चर्चा के बाद हुआ हो।
जनता में नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि शहर के कई इलाकों में लोग पानी की कमी से परेशान रहे, टैंकर समय पर नहीं पहुंचे और लोग धरना-प्रदर्शन करते रहे, जबकि दूसरी ओर करोड़ों रुपए के भुगतान किए गए।
आकाश तिवारी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
