बिजनेस डेस्क। Meesho ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने कारोबार में बड़ा सुधार दर्ज किया है। कंपनी ने जहां एक तरफ घाटे को भारी मात्रा में कम किया है, वहीं दूसरी ओर रेवेन्यू और ऑर्डर ग्रोथ में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि मजबूत नतीजों के बावजूद कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। 6 मई को कंपनी के शेयर 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर करीब 197 रुपये के स्तर पर बंद हुए। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप लगभग 93,300 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

Q4 में घाटा 88% घटा
FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का नेट लॉस घटकर सिर्फ 166.3 करोड़ रुपये रह गया।
पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 1,391.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस तरह सालाना आधार पर घाटे में लगभग 88 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई।
यह आंकड़ा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कंपनी धीरे-धीरे प्रॉफिटेबिलिटी यानी मुनाफे की दिशा में बढ़ रही है।
रेवेन्यू में 47% की तेज बढ़ोतरी
कंपनी की आय में भी बड़ा उछाल देखने को मिला। FY26 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू बढ़कर 3,531.2 करोड़ रुपये पहुंच गया।
पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू करीब 2,400 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर लगभग 47 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की।
यह तेजी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ग्राहकों, ऑर्डर और सेलिंग एक्टिविटी की वजह से आई है।
खर्च बढ़े, लेकिन ऑपरेशनल दक्षता भी मजबूत
कंपनी के कुल खर्च भी बढ़े हैं।
FY26 Q4 में कुल खर्च 3,807.1 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 2,636.8 करोड़ रुपये था। यानी खर्चों में करीब 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
इसके बावजूद घाटा कम होना इस बात का संकेत है कि कंपनी ने अपने ऑपरेशनल मॉडल और लागत प्रबंधन में सुधार किया है।
ऑर्डर और NMV में भी जबरदस्त उछाल
कंपनी की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) बढ़कर 11,371 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 43 प्रतिशत ज्यादा है।
वहीं ऑर्डर की संख्या भी तेजी से बढ़ी और यह 717 मिलियन तक पहुंच गई।
इससे साफ है कि प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों की एक्टिविटी लगातार बढ़ रही है।
पूरे साल में घाटे में बड़ी कमी
पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का कुल घाटा घटकर 1,357.7 करोड़ रुपये रह गया।
पिछले साल कंपनी को 3,941.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। यानी सालाना आधार पर घाटे में करीब 66 प्रतिशत की कमी आई।
यह सुधार कंपनी के बिजनेस मॉडल और खर्च नियंत्रण रणनीति को मजबूत दिखाता है।
यूजर बेस तेजी से बढ़ा
कंपनी के ट्रांजैक्टिंग यूजर्स की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है।
- एक्टिव यूजर्स : 33% बढ़कर 264 मिलियन
- कुल ऑर्डर : 45% बढ़कर 2.67 बिलियन
- प्रति यूजर औसत ऑर्डर : बढ़कर 10.1
ये आंकड़े बताते हैं कि ग्राहक अब प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय बिता रहे हैं और खरीदारी भी बढ़ा रहे हैं।
AI और टेक्नोलॉजी पर बड़ा फोकस
Meesho के CEO Vidit Aatrey ने कहा कि भारत में ई-कॉमर्स अभी शुरुआती चरण में है।
उनके मुताबिक अभी केवल लगभग 30 प्रतिशत स्मार्टफोन यूजर्स ही ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, जबकि चीन और मध्य-पूर्व जैसे देशों में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से ज्यादा है।
कंपनी अब AI और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर नए ग्राहकों को जोड़ने पर फोकस कर रही है।
उन्होंने बताया कि अब 75 प्रतिशत से ज्यादा ऑर्डर पर्सनलाइज्ड फीड के जरिए आ रहे हैं। इसके अलावा वॉइस शॉपिंग और स्मार्ट एड्रेस रिकॉग्निशन जैसी सुविधाएं भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
शेयर क्यों गिरे?
मजबूत नतीजों के बावजूद शेयरों में गिरावट की वजह मुनाफावसूली और बाजार की मौजूदा स्थिति मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल कंपनी के स्थायी मुनाफे और भविष्य की ग्रोथ रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं।
हालांकि लंबे समय के नजरिए से देखा जाए तो कंपनी के ताजा आंकड़े उसके मजबूत बिजनेस विस्तार और बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट का संकेत दे रहे हैं।
