रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। Deepak Baij ने गरियाबंद जिले में सामने आए एक मामले को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के दावों की जमीनी हकीकत अब सामने आने लगी है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि Gariaband जिले के देवभोग क्षेत्र स्थित माडागांव में आयोजित “सुशासन तिहार” कार्यक्रम के दौरान कमार जनजाति के एक परिवार को प्रधानमंत्री आवास की मांग के लिए जिला पंचायत सीईओ के सामने दंडवत होना पड़ा। यह घटना सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
दीपक बैज ने कहा कि कमार जनजाति प्रदेश की विशेष संरक्षित जनजातियों में शामिल है। इन्हें राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र भी कहा जाता है और शासन की विभिन्न योजनाओं में इन्हें प्राथमिकता देने का दावा किया जाता है। बावजूद इसके यदि इस समुदाय का परिवार अपने मकान के लिए अधिकारियों के सामने इस तरह गिड़गिड़ाने को मजबूर है, तो यह सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि प्रदेश में हर जरूरतमंद को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन माडागांव की घटना इन दावों की पोल खोलती है। कांग्रेस का आरोप है कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में बड़ी संख्या में पात्र परिवार आज भी आवास योजना के लाभ से वंचित हैं।
कांग्रेस ने मांगा श्वेत पत्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि अब तक कितने लोगों को आवास स्वीकृत हुआ, कितनों का निर्माण पूरा हुआ और कितने पात्र परिवार अभी भी प्रतीक्षा सूची में हैं। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि आदिवासी और विशेष संरक्षित जनजातियों के लिए अलग से समीक्षा कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
भाजपा सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप
दीपक बैज ने कहा कि गरीब और आदिवासी परिवारों को सम्मानपूर्वक योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि लोगों को मूलभूत जरूरतों के लिए भी अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार के लिए शर्मनाक और संवेदनहीनता का उदाहरण बताया।
इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
