रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की अध्यक्ष सुश्री रीता शांडिल्य ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से तैयार किया गया 25वां वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल श्री रमेन डेका को सौंपा।

यह वार्षिक प्रतिवेदन 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि से संबंधित है। प्रतिवेदन में इस अवधि के दौरान आयोग की ओर से किए गए कार्यों, विभिन्न गतिविधियों और भर्ती एवं चयन प्रक्रिया से जुड़े कार्यों का विवरण शामिल किया गया है। आयोग की ओर से निर्धारित संवैधानिक दायित्वों के तहत किए गए कार्यों की जानकारी वार्षिक प्रतिवेदन के माध्यम से प्रस्तुत की जाती है।
मुलाकात के दौरान राज्य लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष सुश्री रीता शांडिल्य ने राज्यपाल को आयोग की कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने आयोग द्वारा राज्य शासन के विभिन्न विभागों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के चयन से संबंधित दायित्वों के निर्वहन की जानकारी भी साझा की।
वार्षिक प्रतिवेदन का महत्व
राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा प्रत्येक वर्ष अपनी गतिविधियों और कार्यों का वार्षिक प्रतिवेदन तैयार किया जाता है। यह प्रतिवेदन आयोग के कार्यों और उसकी संवैधानिक जिम्मेदारियों के निर्वहन का महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसमें आयोग की ओर से आयोजित चयन प्रक्रियाओं, परीक्षाओं तथा अन्य प्रमुख गतिविधियों का विवरण दर्ज किया जाता है।
राज्यपाल को वार्षिक प्रतिवेदन सौंपना आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे आयोग की ओर से किए गए कार्यों की आधिकारिक जानकारी राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत होती है।
आयोग के सदस्य भी रहे मौजूद
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग के कई सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें डॉ. प्रवीण वर्मा, डॉ. सरिता उइके, श्री संतकुमार नेताम, डी. राहुल वेंकट, श्री चंद्र कुमार अजगले, श्री एच. एल. ध्रुव एवं श्रीमती लीना कोसम शामिल थीं।
राज्यपाल श्री रमेन डेका के साथ हुई इस मुलाकात के दौरान आयोग की गतिविधियों और उसके कार्यों से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। अध्यक्ष सुश्री रीता शांडिल्य ने राज्यपाल को आयोग के 25वें वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति सौंपते हुए निर्धारित अवधि में किए गए कार्यों की जानकारी दी।
यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। राज्य लोक सेवा आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन को आयोग की कार्यप्रणाली और गतिविधियों के वार्षिक लेखाजोखे के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है।
