रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। ऑनलाइन वोटिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव में कथित फर्जी मतदान, फर्जी पहचान और तकनीकी गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। इसी बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने युवा कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है।

चंद्राकर ने आरोप लगाया है कि युवा कांग्रेस में चंदे के जरिए सदस्यता दी जा रही है और चुनाव में कथित तौर पर फर्जी वोटिंग कराई जा रही है। उनका कहना है कि सदस्यता, मतदान और फंडिंग से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अजय चंद्राकर ने क्या आरोप लगाए?
अजय चंद्राकर ने युवा कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया को लेकर कहा कि संगठन में सदस्यता देने के लिए कथित तौर पर चंदे का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव में फर्जी वोटिंग की शिकायतों का हवाला देते हुए जांच की मांग की है।
उनके मुताबिक, यदि संगठनात्मक चुनाव में सदस्यता और वोटिंग की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं तो इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है। चंद्राकर ने इसी आधार पर मामले को CBI के सामने जांच के लिए रखने की मांग की है।
हालांकि, चंद्राकर द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच या CBI जांच के जरिए पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।
ऑनलाइन वोटिंग के बाद सामने आई शिकायतें
युवा कांग्रेस का छत्तीसगढ़ संगठनात्मक चुनाव ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए कराया गया। रिपोर्टों के अनुसार 29 सितंबर को ऑनलाइन वोटिंग समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद कुछ प्रत्याशियों और समर्थकों ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
भिलाई में एक प्रत्याशी की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। शिकायत में कथित तौर पर फर्जी मतदाता पहचान पत्र, वर्चुअल नंबर और OTP के इस्तेमाल से ऑनलाइन वोटिंग कराने के आरोप लगाए गए हैं। कुछ शिकायतों में AI तकनीक के जरिए तस्वीरों से वीडियो तैयार कर चुनावी ऐप पर अपलोड किए जाने का भी दावा किया गया है।
चुनावी प्रक्रिया पर उठे तकनीकी सवाल
विभिन्न रिपोर्टों में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े ‘With IYC’ ऐप, पहचान सत्यापन और OTP व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कुछ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने कथित तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की है।
हालांकि, इन तकनीकी आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच या संगठन की आधिकारिक स्क्रूटनी के बाद ही हो सकेगी।
अब स्क्रूटनी में होगी वोटों की जांच
वोटिंग समाप्त होने के बाद अब चुनाव प्रक्रिया में स्क्रूटनी यानी जांच की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार संगठन की ओर से संदिग्ध वोटों की जांच की जा सकती है और जांच में फर्जी पाए जाने वाले वोटों को निरस्त किया जा सकता है।
ऐसे में चुनाव के अंतिम परिणामों से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कितने वोटों पर आपत्ति आती है और जांच के दौरान कितने वोट वैध या अवैध पाए जाते हैं।
सदस्यता और फंडिंग को लेकर भी सवाल
अजय चंद्राकर ने सिर्फ मतदान प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि युवा कांग्रेस की सदस्यता और फंडिंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चंदे के माध्यम से सदस्यता दी जा रही है और इस पूरी व्यवस्था की जांच की जानी चाहिए।
हालिया रिपोर्टों में युवा कांग्रेस की सदस्यता से जुड़े आंकड़ों को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में करीब 14.56 लाख वोट दर्ज होने और सदस्यता शुल्क के रूप में करीब 10.06 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा किया गया है।
इन आंकड़ों और सदस्यता प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत स्पष्टीकरण आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
अजय चंद्राकर बोले- जनमानस पर भी पड़ता है असर
चंद्राकर ने युवा कांग्रेस की आंतरिक चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के भीतर चलने वाली व्यवस्थाओं का असर व्यापक रूप से जनता की धारणा पर भी पड़ता है। उनका कहना है कि संगठनात्मक चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है।
उन्होंने कथित फर्जी वोटिंग के साथ-साथ सदस्यता और फंडिंग की भी जांच की मांग दोहराई है और पूरे मामले में CBI जांच की मांग रखी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं फर्जी सदस्यता के मामले
युवा कांग्रेस की सदस्यता और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप नए नहीं हैं। वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस की सदस्यता की स्क्रूटनी के दौरान बड़ी संख्या में सदस्यताएं निरस्त किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। उस समय करीब 9 लाख सदस्यताएं फर्जी पाए जाने के बाद रद्द किए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी।
हालांकि, 2022 की उस घटना और 2026 के मौजूदा चुनाव से जुड़े आरोपों को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखना जरूरी है। मौजूदा मामले में सामने आए आरोपों पर वर्तमान स्क्रूटनी और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल जांच और स्क्रूटनी पर नजर
युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर सामने आए आरोपों के बीच अब स्क्रूटनी और शिकायतों की जांच अहम हो गई है। अजय चंद्राकर ने जहां CBI जांच की मांग की है, वहीं चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की वास्तविकता संबंधित जांच और संगठन की आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
