रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु (Cyclone MURASU) के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 नवंबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। इसके अलावा 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ के अनेक इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

मौसम में इस बदलाव को देखते हुए अगले तीन दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। खासकर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
CG Weather Today: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मुरासु, छत्तीसगढ़ तक दिखेगा असर
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम 2 नवंबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच पहुंचने की संभावना जताई गई है।
चक्रवात के प्रभाव से समुद्र तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका है। हालांकि, इसका प्रभाव केवल तटीय इलाकों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। इसके असर से छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों में भी मौसम बदल सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 2 नवंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।
3 और 4 नवंबर को भारी बारिश की संभावना, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों के दौरान मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 3 और 4 नवंबर को प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं और बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेष रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी होगा। लगातार बारिश होने से निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर फिसलन बढ़ने और आवागमन प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
हालांकि, बारिश की तीव्रता और इसका प्रभाव अलग-अलग जिलों में अलग हो सकता है। इसलिए लोगों को अपने जिले के लिए जारी मौसम संबंधी चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।
CG Weather Today: रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 2 नवंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, शहर और आसपास के इलाकों में बारिश या गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की स्थिति भी बन सकती है।
तापमान की बात करें तो रायपुर में अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बादलों की मौजूदगी और बारिश की गतिविधियों के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
राजधानी में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम पर नजर रखनी चाहिए। विशेष रूप से खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और यात्रा की योजना बना रहे लोगों को गरज-चमक या तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।
बीते 24 घंटे में छत्तीसगढ़ का मौसम कैसा रहा?
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं, जबकि कई स्थानों पर तापमान में अंतर बना रहा।
तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पेण्ड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पता चलता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है।
बारिश के आंकड़ों के अनुसार, बलरामपुर में 5 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि ओरछा में 1 सेंटीमीटर बारिश हुई। आने वाले दिनों में चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर की आशंका
चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 3 और 4 नवंबर को बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में मौसम के बदलाव पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी। वहीं, मध्य छत्तीसगढ़ में रायपुर और आसपास के इलाकों में भी बादल छाने, गरज-चमक होने और बारिश की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, किस जिले में कितनी बारिश होगी, इसका सटीक आकलन संबंधित जिले के मौसम पूर्वानुमान और जारी चेतावनियों से ही किया जा सकेगा। इसलिए प्रदेशभर के लिए जारी सामान्य पूर्वानुमान को हर जिले पर समान रूप से लागू नहीं माना जाना चाहिए।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों और आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश और तेज हवाओं का असर खेतों में खड़ी फसलों, कटाई के बाद खुले में रखी उपज और कृषि संबंधी गतिविधियों पर पड़ सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं। खेतों में कटी हुई फसल या खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें। तेज बारिश की संभावना होने पर जल निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान दें।
आम लोगों को बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचों और असुरक्षित स्थानों से दूर रहना भी जरूरी है।
अगले तीन दिन छत्तीसगढ़ के मौसम के लिहाज से अहम
कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु के संभावित प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो जगह भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। वहीं, 3 और 4 नवंबर को प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बन सकती है।
महत्वपूर्ण: चक्रवात की स्थिति, उसके संभावित मार्ग और छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है। इसलिए मौसम विभाग की नवीनतम चेतावनी और जिला-स्तरीय पूर्वानुमान को प्राथमिकता दें।
