रायपुर। सावन के महीने में छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। मौसम तंत्र मजबूत होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतर इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। प्रदेश में मौसमी बारिश अब भी सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश किसानों और जलस्रोतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अगले चार दिनों तक बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 4 अगस्त से अगले चार दिनों तक रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के अधिकतर जिलों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।
इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम के मौजूदा पैटर्न को देखते हुए रायपुर में भी बारिश और बादल छाए रहने का दौर बना रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के अनुसार रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
रायपुर में बादल और बारिश, उमस से अभी पूरी राहत नहीं
राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर बादल गरजने और चमकने के साथ बारिश हो सकती है।
बारिश के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने से उमस की स्थिति पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद नहीं है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान बताया गया था।
मौजूदा पूर्वानुमान भी रायपुर में आने वाले दिनों में रुक-रुककर बारिश की संभावना दिखा रहा है।
तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश के लिए कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। इनमें सबसे प्रमुख मानसून द्रोणिका है, जो अनूपगढ़, दिल्ली, शाहजहांपुर, बस्ती, छपरा होते हुए नागालैंड तक बनी हुई है।
इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बिहार के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मध्य भारत सहित छत्तीसगढ़ में नमी का प्रवाह बढ़ सकता है। इसी कारण अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
उत्तरी छत्तीसगढ़ में ज्यादा बारिश के आसार
प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कई स्थानों पर 5 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हुई।
शंकरगढ़ में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं कुसमी, रतनपुर, सक्ती और भोपालपट्टनम में 7-7 सेंटीमीटर बारिश हुई।
इसके अलावा सुकमा और सकोला में 6-6 सेंटीमीटर, जबकि सरागांव और बीजापुर में 5-5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इन इलाकों में भी बरसा पानी
पेंड्रा, भैरमगढ़, करपावंड, छाल, बरमकेला, सरिया और बम्हनीडीह में करीब 4 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई है। बारिश का यह दौर आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है।
किसानों के लिए बारिश महत्वपूर्ण
छत्तीसगढ़ में खेती काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। धान की रोपाई और फसल की शुरुआती वृद्धि के समय पर्याप्त बारिश किसानों के लिए बेहद जरूरी होती है।
मौसमी बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत कम होने के बीच अब बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी किसानों के लिए राहत की खबर हो सकती है। हालांकि, अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी जा सकती है।
भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की संभावना भी बनी हुई है। वर्तमान मौसम चेतावनी में रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बताई गई है।
ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलाशयों के आसपास जाने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली की स्थिति में सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित है।
अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां सक्रिय बनी रह सकती हैं।
- प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
- कई जगहों पर गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
- उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता ज्यादा रह सकती है।
- रायपुर में भी बादल और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
- बारिश के बावजूद अधिक नमी के कारण कुछ समय तक उमस परेशान कर सकती है।
मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मानसून सक्रिय होने के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जलभराव की स्थिति बन सकती है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
विशेष रूप से गरज-चमक के दौरान बिजली के खंभों, खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है और अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। उत्तरी इलाकों में अच्छी बारिश के बाद अब रायपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है। प्रदेश में मौसमी बारिश अभी सामान्य से 7 प्रतिशत कम है, इसलिए आने वाली बारिश राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि भारी बारिश और वज्रपात की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतनी होगी।
