Business Desk। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों और पीएफ खाताधारकों को बड़ी राहत दी है। अब कर्मचारियों को अपना PF बैलेंस चेक करने, पासबुक देखने और खाते में हुए लेनदेन की जानकारी प्राप्त करने के लिए बार-बार EPFO की वेबसाइट या कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। EPFO ने WhatsApp के जरिए पीएफ से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की नई सुविधा शुरू की है। इसके तहत खाताधारक अपने मोबाइल से ही PF बैलेंस, पासबुक और पिछले पांच ट्रांजैक्शन की जानकारी हासिल कर सकेंगे।

इतना ही नहीं, संगठन ने लंबे समय से निष्क्रिय पड़े छोटे बैलेंस वाले पीएफ खातों के लिए भी बड़ी सुविधा शुरू की है। अब ऐसे निष्क्रिय खातों में जमा 1,000 रुपये तक की रकम, जिनका आधार वेरिफाइड है और जो निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, बिना क्लेम फॉर्म भरे सीधे संबंधित खाताधारक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने EPFO के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर इन दोनों सुविधाओं की शुरुआत की। सरकार का उद्देश्य पीएफ से जुड़ी सेवाओं को आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है, ताकि कर्मचारियों को अपने ही पैसे की जानकारी लेने या उसे प्राप्त करने के लिए लंबी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े। आइए जानते हैं EPFO की इन नई सुविधाओं से किसे फायदा मिलेगा और WhatsApp के जरिए PF बैलेंस कैसे चेक कर सकते हैं।
EPFO ने शुरू की WhatsApp सर्विस, मोबाइल पर मिलेगी PF की पूरी जानकारी
EPFO की नई WhatsApp सर्विस नौकरीपेशा लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। अभी तक कर्मचारियों को अपना पीएफ बैलेंस जानने के लिए EPFO पोर्टल, उमंग ऐप या अन्य निर्धारित माध्यमों का इस्तेमाल करना पड़ता था। कई बार तकनीकी परेशानी या लॉगिन संबंधी दिक्कतों के कारण कर्मचारियों को जानकारी प्राप्त करने में परेशानी होती थी।
अब WhatsApp के जरिए यह सुविधा मिलने से पीएफ खाते से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल करना आसान होगा।
EPFO के वेरिफाइड WhatsApp नंबर 8796441800 के माध्यम से खाताधारक निम्नलिखित सेवाओं का लाभ ले सकेंगे:
- PF बैलेंस चेक: खाते में वर्तमान में कितनी राशि जमा है, इसकी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
- पासबुक डिटेल: पीएफ खाते में जमा योगदान और उपलब्ध पासबुक संबंधी जानकारी देख सकेंगे।
- पिछले 5 ट्रांजैक्शन: खाते में हाल ही में हुए पांच लेनदेन का विवरण प्राप्त कर सकेंगे।
- PMVBRY से जुड़ी मदद: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से संबंधित जानकारी और व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए EPFO कार्यालय जाने की जरूरत कम पड़ेगी। वे अपने मोबाइल से ही संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
WhatsApp से PF बैलेंस कैसे चेक करें?
EPFO की WhatsApp सुविधा का लाभ लेने के लिए खाताधारकों को निर्धारित आधिकारिक नंबर का इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, नई सेवा के तहत उपलब्ध विकल्पों और प्रक्रिया के अनुसार जानकारी प्राप्त करनी होगी।
PF से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- सबसे पहले अपने मोबाइल में EPFO का आधिकारिक WhatsApp नंबर 8796441800 सेव करें।
- WhatsApp पर इस नंबर की आधिकारिक पहचान और वेरिफिकेशन की पुष्टि करें।
- इसके बाद संबंधित चैट खोलकर उपलब्ध सेवा विकल्पों के अनुसार आगे बढ़ें।
- PF बैलेंस, पासबुक या ट्रांजैक्शन से संबंधित विकल्प चुनें।
- मांगी गई आवश्यक जानकारी निर्धारित सुरक्षित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराएं।
- वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद उपलब्ध खाते से संबंधित जानकारी प्राप्त करें।
ध्यान रखें कि किसी अनजान नंबर पर अपना UAN पासवर्ड, OTP, बैंक PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। केवल EPFO के सत्यापित आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें।
पुराने PF खातों का पैसा भी आएगा सीधे बैंक खाते में
EPFO की दूसरी बड़ी सुविधा उन कर्मचारियों के लिए है, जिनके पुराने पीएफ खाते लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हैं। नौकरी बदलने, रिटायरमेंट या अन्य कारणों से कई कर्मचारी अपने पुराने पीएफ खातों में जमा छोटी रकम नहीं निकाल पाते हैं।
कई बार खाते में केवल कुछ सौ रुपये या 1,000 रुपये तक की राशि बची रह जाती है। इतनी छोटी रकम के लिए भी कर्मचारियों को क्लेम फॉर्म भरने और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी होती है।
इसी समस्या को देखते हुए EPFO ने पात्र निष्क्रिय खातों के ऑटोमैटिक सेटलमेंट की सुविधा शुरू की है।
इस व्यवस्था के तहत जिन निष्क्रिय EPF खातों में 1,000 रुपये तक की राशि जमा है और जिन खाताधारकों का आधार वेरिफाइड है, उनकी पहचान करके सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जरूरी पहचान और बैंक खाते का सत्यापन पूरा होने के बाद बची हुई रकम सीधे संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
इसका मतलब है कि पात्र कर्मचारियों को अपना पैसा प्राप्त करने के लिए अलग से क्लेम फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।
करीब 1 लाख खाताधारकों को मिलेगा फायदा
EPFO की इस नई व्यवस्था से बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिनके पुराने पीएफ खातों में छोटी रकम जमा है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस सुविधा के तहत करीब 1 लाख निष्क्रिय पीएफ खाताधारकों को लाभ मिल सकता है। इन खातों में जमा कुल लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि सीधे पात्र खाताधारकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई कर्मचारी नौकरी बदलने के बाद पुराने पीएफ खाते पर ध्यान नहीं देते। कुछ लोगों को यह भी पता नहीं होता कि उनके पुराने खाते में अभी भी पैसा जमा है।
अब ऑटोमैटिक सेटलमेंट की व्यवस्था से ऐसे खातों की पहचान कर रकम को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
हालांकि, सभी निष्क्रिय खातों में अपने आप भुगतान नहीं होगा। यह सुविधा निर्धारित पात्रता, आधार सत्यापन और बैंक खाते की जांच पूरी करने वाले खातों पर लागू होगी।
क्या होता है इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय PF अकाउंट?
EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसके तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की ओर से निर्धारित योगदान कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा किया जाता है।
नौकरी बदलने के बाद सामान्य तौर पर कर्मचारी अपने पुराने पीएफ खाते को नए खाते में ट्रांसफर करा सकते हैं। लेकिन कई बार कर्मचारी ऐसा नहीं करते और पुराने खाते में जमा रकम लंबे समय तक पड़ी रहती है।
जब किसी EPF खाते में लगातार 36 महीने तक कोई नया योगदान नहीं आता है, तो निर्धारित नियमों के तहत उसे निष्क्रिय यानी इनऑपरेटिव खाते के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
ऐसी स्थिति मुख्य रूप से इन कारणों से बनती है:
- कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद नया रोजगार शुरू नहीं करता।
- नौकरी बदलने के बाद पुराना PF खाता ट्रांसफर नहीं कराया जाता।
- कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद खाते की रकम निकालना भूल जाता है।
- पुराने खाते से जुड़ी जानकारी या दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते।
- कर्मचारी को अपने पुराने PF खाते में जमा राशि की जानकारी नहीं रहती।
EPFO की नई सुविधा ऐसे ही पात्र खातों में जमा छोटी रकम को वापस खाताधारकों तक पहुंचाने में मदद करेगी।
PF का पैसा ऑटोमैटिक बैंक खाते में कैसे पहुंचेगा?
EPFO की नई व्यवस्था में कर्मचारियों को क्लेम करने की प्रक्रिया से राहत देने का प्रयास किया गया है। इसके लिए संगठन पहले ऐसे निष्क्रिय खातों की पहचान करेगा, जिनमें 1,000 रुपये तक की रकम बची हुई है।
इसके बाद संबंधित खाताधारक की पहचान और बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा।
ऑटोमैटिक सेटलमेंट की प्रक्रिया को इस तरह समझ सकते हैं:
पहला चरण: EPFO अपने रिकॉर्ड के माध्यम से पात्र निष्क्रिय खातों की पहचान करेगा।
दूसरा चरण: संबंधित खाताधारक के आधार और अन्य जरूरी विवरणों का सत्यापन किया जाएगा।
तीसरा चरण: बैंक खाते की जानकारी की जांच की जाएगी, ताकि रकम सही व्यक्ति तक पहुंचे।
चौथा चरण: सभी जरूरी जांच पूरी होने के बाद पात्र खाते में बची राशि सीधे संबंधित बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
इस पूरी व्यवस्था का मकसद यह है कि छोटी रकम निकालने के लिए कर्मचारियों को अलग से आवेदन और कागजी कार्रवाई न करनी पड़े।
EPFO के पास 32 लाख करोड़ रुपये का बड़ा फंड
EPFO देश के संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण संस्थान है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक, संगठन के पास वर्तमान में 8 करोड़ से अधिक सदस्यों से जुड़ा करीब 32 लाख करोड़ रुपये का कुल कॉर्पस है।
यह रकम कर्मचारियों और नियोक्ताओं के योगदान से तैयार हुई है। EPFO इस फंड का प्रबंधन करता है और निर्धारित नियमों के अनुसार कर्मचारियों को ब्याज तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
EPFO की स्थापना के बाद से इसका दायरा लगातार बढ़ा है। आज करोड़ों कर्मचारी इस संगठन से जुड़ी भविष्य निधि, पेंशन और बीमा संबंधी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
इतने बड़े स्तर पर खातों का प्रबंधन करने के लिए डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन सेवाओं का महत्व भी लगातार बढ़ रहा है।
74वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय मंत्री ने दिया डिजिटल सुधारों पर जोर
EPFO के 74वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने संगठन की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि EPFO जल्द ही अपने 75वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। ऐसे में संगठन को कर्मचारियों की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपनी सेवाओं में सुधार करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को नई तकनीक और इनोवेशन का इस्तेमाल बढ़ाने तथा सेवाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
WhatsApp सर्विस और निष्क्रिय खातों के ऑटोमैटिक सेटलमेंट को भी इसी दिशा में उठाए गए कदमों के तौर पर देखा जा रहा है।
PMVBRY से जुड़ी जानकारी भी WhatsApp पर मिलेगी
EPFO की WhatsApp सेवा में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से संबंधित सहायता को भी शामिल किया गया है।
इस योजना का उद्देश्य देश में रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देना और पात्र कर्मचारियों तथा नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है।
नई सुविधा के तहत WhatsApp के माध्यम से योजना से जुड़ी जानकारी और व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इससे कर्मचारियों और रोजगार से जुड़े लोगों को योजना की जानकारी हासिल करने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।
नौकरीपेशा लोगों को क्या होगा फायदा?
EPFO की दोनों नई सुविधाओं का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कर्मचारियों को अपने पीएफ खाते से जुड़ी सेवाओं के लिए पहले की तुलना में कम परेशानी उठानी पड़ेगी।
WhatsApp सर्विस के फायदे:
- घर बैठे PF बैलेंस और पासबुक की जानकारी।
- पिछले पांच ट्रांजैक्शन देखने की सुविधा।
- डिजिटल माध्यम से सेवाओं तक आसान पहुंच।
- छोटी जानकारियों के लिए कार्यालय जाने की जरूरत कम।
ऑटोमैटिक सेटलमेंट के फायदे:
- पात्र निष्क्रिय खातों में जमा पैसा अपने आप बैंक में पहुंचेगा।
- 1,000 रुपये तक की राशि के लिए अलग से क्लेम की जरूरत नहीं।
- पुराने खातों में फंसी रकम वापस मिलने में आसानी।
- कर्मचारियों का समय और कागजी कार्रवाई बचेगी।
क्या सभी PF खाताधारकों को मिलेगा फायदा?
यह समझना जरूरी है कि EPFO की दोनों सुविधाएं अलग-अलग उद्देश्य से शुरू की गई हैं। WhatsApp सेवा का इस्तेमाल पात्र खाताधारक उपलब्ध विकल्पों के अनुसार PF से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए कर सकेंगे।
वहीं, ऑटोमैटिक सेटलमेंट की सुविधा केवल निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले निष्क्रिय खातों के लिए है। इसके तहत 1,000 रुपये तक का बैलेंस, आधार सत्यापन और बैंक खाते का सही विवरण जरूरी है।
इसलिए जिन कर्मचारियों के पुराने खातों में 1,000 रुपये से अधिक राशि जमा है, उन्हें यह नहीं मानना चाहिए कि उनका पूरा पैसा भी इसी ऑटोमैटिक प्रक्रिया के तहत ट्रांसफर हो जाएगा। ऐसे खातों के लिए EPFO की सामान्य क्लेम या अन्य निर्धारित प्रक्रिया लागू हो सकती है।
कुल मिलाकर, EPFO की ये दोनों नई पहल करोड़ों कर्मचारियों के लिए राहत भरी हैं। एक तरफ WhatsApp के जरिए पीएफ खाते की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी तरफ पुराने निष्क्रिय खातों में फंसी छोटी रकम को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
