Technology Desk। भारत में तेजी से बढ़ रहे फर्जी और अवैध डिजिटल लोन ऐप्स के खिलाफ सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने Google को तीन संदिग्ध लोन ऐप्स को Play Store से हटाने का निर्देश दिया। सरकार की जांच में इन ऐप्स के जरिए यूजर्स को आसान और तुरंत लोन का लालच देकर उनकी निजी और संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई।

नोटिस मिलने के करीब तीन घंटे के भीतर Google ने तीनों ऐप्स को Play Store से हटा दिया। यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फर्जी लोन ऐप्स के जरिए साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी हासिल कर बाद में उन्हें धमकाने, परेशान करने और कथित तौर पर अवैध वसूली करने की कोशिश कर सकते हैं।
कौन-कौन से ऐप्स हटाए गए?
I4C की जांच में जिन तीन ऐप्स को संदिग्ध पाया गया, उनके नाम हैं:
- Horizon Cash Service
- Money Score Monitor
- Zelicredit
इन ऐप्स की ओर से कम ब्याज दर, आसान प्रक्रिया और कम दस्तावेजों के साथ तुरंत लोन देने जैसे दावे किए जाते थे।
ऐसे ऑफर खासकर उन लोगों को आकर्षित कर सकते हैं जिन्हें तत्काल पैसों की जरूरत होती है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब लोन के आवेदन के नाम पर ऐप जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी और मोबाइल परमिशन मांगने लगे।
लोन देने के बहाने डेटा चोरी का आरोप
सरकार की जांच के मुताबिक, इन तरह के संदिग्ध ऐप्स इंस्टॉल करने के बाद यूजर से मोबाइल की कई महत्वपूर्ण परमिशन मांगी जा सकती हैं।
इनमें कथित तौर पर:
- कॉन्टैक्ट लिस्ट
- फोटो और मीडिया
- कैमरा
- पहचान संबंधी जानकारी
- बैंकिंग से जुड़ी जानकारी
- फोन में मौजूद अन्य निजी डेटा
तक पहुंच हासिल करने की कोशिश शामिल हो सकती है।
यही वजह है कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ बार-बार सलाह देते हैं कि किसी भी लोन ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन देना खतरनाक हो सकता है।
डेटा मिलने के बाद कैसे किया जा सकता है दुरुपयोग?
फर्जी लोन ऐप्स से जुड़ा सबसे बड़ा खतरा सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं है। अगर किसी संदिग्ध ऐप के पास यूजर के कॉन्टैक्ट, फोटो और अन्य निजी जानकारी पहुंच जाती है, तो उसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
साइबर अपराधी कथित तौर पर इस तरह के डेटा का इस्तेमाल यूजर पर दबाव बनाने, धमकी देने या अवैध वसूली की कोशिश में कर सकते हैं।
कई मामलों में साइबर ठग पहले कम रकम का लोन देने का लालच देते हैं और बाद में अलग-अलग शुल्क या ब्याज के नाम पर ज्यादा पैसे की मांग कर सकते हैं।
इसलिए ‘तुरंत लोन’ का ऑफर हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता।
Google Ads के जरिए भी पहुंच रहे थे लोगों तक
जांच में यह भी सामने आया कि ऐसे संदिग्ध ऐप्स डिजिटल विज्ञापनों के जरिए यूजर्स तक पहुंच सकते हैं।
यानी केवल यह देखकर किसी ऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता कि उसका विज्ञापन Google पर दिखाई दे रहा है।
यूजर को ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके पीछे मौजूद कंपनी, लोन देने वाली संस्था, उसकी आधिकारिक वेबसाइट और नियामकीय स्थिति की जांच करनी चाहिए।
किसी विज्ञापन का दिखाई देना अपने आप में यह प्रमाण नहीं है कि लोन ऐप वैध और सुरक्षित है।
अगस्त में फर्जी लोन ऐप्स पर दूसरी बड़ी कार्रवाई
फर्जी लोन ऐप्स के खिलाफ अगस्त में यह I4C की दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।
इससे पहले 7 अगस्त को छह अन्य संदिग्ध लोन ऐप्स को हटाने के निर्देश दिए गए थे। इनमें:
- LoanOrbit
- Hisab
- Nexus Loan
- One Fund
- Credit Factor
- Mobile Credit Prairie
शामिल थे।
इन ऐप्स पर भी आसान और कम ब्याज वाले लोन का लालच देने, यूजर्स का डेटा हासिल करने और कथित तौर पर ज्यादा ब्याज वसूलने जैसे आरोप बताए गए थे।
इससे साफ है कि सरकार डिजिटल लोन के नाम पर चल रहे संदिग्ध नेटवर्क पर लगातार नजर रख रही है।
57 से ज्यादा संदिग्ध वेबसाइटों पर भी कार्रवाई
सरकार की साइबर सुरक्षा कार्रवाई केवल मोबाइल ऐप्स तक सीमित नहीं है।
इसी महीने Google के Firebase प्लेटफॉर्म पर होस्ट की गई 57 से ज्यादा संदिग्ध वेबसाइटों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
इन वेबसाइटों के बारे में मालवेयर फैलाने और वित्तीय जानकारी चोरी करने जैसे साइबर खतरों से जुड़े होने का संदेह सामने आया था।
इससे यह भी पता चलता है कि साइबर अपराधी केवल ऐप्स ही नहीं, बल्कि वेबसाइट, विज्ञापन और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।
फर्जी लोन ऐप की पहचान कैसे करें?
अगर कोई ऐप आपको तुरंत लोन देने का दावा कर रहा है तो कुछ महत्वपूर्ण संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
1. जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगे तो सावधान
अगर कोई लोन ऐप लोन देने के लिए कॉन्टैक्ट्स, फोटो गैलरी, कैमरा या दूसरे निजी डेटा का अनावश्यक एक्सेस मांग रहा है, तो सावधान हो जाएं।
लोन आवेदन के नाम पर आपके पूरे फोन डेटा तक पहुंच की मांग एक बड़ा Red Flag हो सकती है।
2. कंपनी की जानकारी जांचें
ऐप के पीछे कौन सी कंपनी है? उसका पूरा नाम और पता क्या है? वह किस वित्तीय संस्था के साथ काम करती है? इन सवालों के जवाब तलाशें।
सिर्फ ऐप का नाम या Play Store पर मौजूद होना पर्याप्त नहीं है।
3. RBI से जुड़ी जानकारी जरूर देखें
डिजिटल लोन लेने से पहले यह पता करना जरूरी है कि लोन देने वाली संस्था RBI के नियमन के दायरे में आने वाले बैंक या NBFC से जुड़ी है या नहीं।
किसी अनजान ऐप के बजाय अधिकृत बैंक या NBFC के आधिकारिक डिजिटल माध्यम से लोन लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
4. बहुत कम ब्याज का लालच न करें
अगर कोई ऐप बाजार की तुलना में बेहद कम ब्याज पर तुरंत और बिना दस्तावेजों के बड़ा लोन देने का दावा कर रहा है, तो पहले उसकी पूरी जांच करें।
‘5 मिनट में लोन’, ‘बिना दस्तावेज लोन’ या ‘गारंटी के बिना लोन’ जैसे आकर्षक दावे आपको सावधान करने के लिए पर्याप्त हैं।
5. पहले पैसे मांगने पर सतर्क रहें
अगर लोन देने से पहले ऐप या व्यक्ति आपसे Processing Fee, Security Deposit या किसी दूसरे नाम पर पैसे मांगता है, तो बिना सत्यापन भुगतान न करें।
अगर संदिग्ध लोन ऐप पहले से फोन में इंस्टॉल है तो क्या करें?
अगर आपने गलती से कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड कर लिया है, तो सबसे पहले उसकी गतिविधियों की समीक्षा करें।
तुरंत ये कदम उठाएं:
- ऐप को दी गई अनावश्यक परमिशन बंद करें।
- बैंकिंग और UPI से जुड़ी जानकारी सुरक्षित करें।
- संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल करें।
- जरूरी पासवर्ड बदलें।
- बैंक खाते में किसी अनजान लेनदेन की जांच करें।
- संदिग्ध लिंक या मैसेज पर दोबारा क्लिक न करें।
- ठगी होने की स्थिति में तुरंत संबंधित साइबर अपराध तंत्र में शिकायत करें।
अगर ऐप ने आपके कॉन्टैक्ट या फोटो तक पहुंच हासिल की थी, तो केवल ऐप डिलीट कर देना ही पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। अपने दूसरे ऑनलाइन अकाउंट और वित्तीय गतिविधियों पर भी नजर रखें।
सिर्फ Play Store से ऐप डाउनलोड करना ही काफी सुरक्षित नहीं
कई यूजर्स मानते हैं कि Play Store पर उपलब्ध हर ऐप पूरी तरह सुरक्षित होता है। लेकिन किसी ऐप का स्टोर पर मौजूद होना यह गारंटी नहीं देता कि वह हमेशा सुरक्षित ही रहेगा।
सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध ऐप्स की पहचान होने पर कार्रवाई कर सकती हैं और उन्हें प्लेटफॉर्म से हटाया जा सकता है।
इसलिए यूजर्स को भी ऐप की डेवलपर जानकारी, रिव्यू, परमिशन, कंपनी की वैधता और लोन देने वाली संस्था की जांच करनी चाहिए।
फर्जी लोन ऐप्स से बचना क्यों जरूरी?
फर्जी लोन ऐप्स का खतरा केवल पैसे खोने तक सीमित नहीं है। सबसे बड़ा जोखिम व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा का है।
एक बार निजी जानकारी गलत हाथों में जाने के बाद उसका दुरुपयोग लंबे समय तक किया जा सकता है। इसलिए जरूरत के समय भी जल्दबाजी में कोई अनजान ऐप डाउनलोड करने के बजाय पहले उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है।
निष्कर्ष
I4C की कार्रवाई से साफ है कि भारत में फर्जी और संदिग्ध डिजिटल लोन ऐप्स के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई लगातार बढ़ रही है। तीन संदिग्ध ऐप्स—Horizon Cash Service, Money Score Monitor और Zelicredit—को Play Store से हटाने की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।
आम यूजर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण सबक यही है कि तुरंत लोन के लालच में अपनी निजी जानकारी दांव पर न लगाएं। किसी भी ऐप को कॉन्टैक्ट, फोटो, कैमरा या दूसरे संवेदनशील डेटा की अनावश्यक परमिशन देने से बचें और लोन लेने से पहले संबंधित बैंक या NBFC की वैधता की पुष्टि करें।
सस्ता और तुरंत लोन दिखने वाला ऑफर अगर आपके डेटा और सुरक्षा की कीमत मांग रहा है, तो उससे दूरी बनाना ही सबसे सुरक्षित फैसला है।
