रायपुर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शनिवार को छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की आतंकवादियों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मजदूरों की हत्या को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने के साथ-साथ केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मजदूरों को कथित तौर पर उनका धर्म पूछकर गोली मारी गई। उन्होंने इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े करते हुए कहा कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आतंकवादी मजदूरों तक कैसे पहुंचे और उन्हें निशाना बनाने में सफल कैसे हुए।
धर्म पूछकर गोली मारने पर बैज ने उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दो मजदूरों को धर्म पूछकर गोली मारे जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। बैज ने कहा कि जब भी केंद्र सरकार कमजोर स्थिति में दिखाई देती है या किसी आंतरिक राजनीतिक दबाव में घिरती है, उस समय इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं यह किसी षडयंत्र का हिस्सा तो नहीं है? क्या धर्म पूछकर मजदूरों को निशाना बनाया जाना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है? बैज ने यह भी सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार के खिलाफ बने राजनीतिक माहौल से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया?
हालांकि, ये बातें दीपक बैज द्वारा लगाए गए आरोप और उठाए गए सवाल हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी साजिश के संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
आतंकवादियों की घुसपैठ पर सरकार से मांगा जवाब
दीपक बैज ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब क्षेत्र में बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं, तो आतंकवादी इतनी आसानी से आम मजदूरों तक कैसे पहुंच गए और उन्हें गोली मारकर फरार कैसे हो गए?
उन्होंने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की। बैज के मुताबिक, घटना के पीछे की परिस्थितियों और हमलावरों की गतिविधियों की जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आतंकवादी मजदूरों तक कैसे पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
पलायन कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वालों की सुरक्षा का मुद्दा
कांग्रेस नेता ने इस घटना को छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और मजदूर वर्ग की स्थिति से भी जोड़ते हुए राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं और वहां मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
बैज ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को अपने ही गांव और प्रदेश में पर्याप्त रोजगार उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करनी पड़ती है। ऐसे में दूसरे राज्यों में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के मजदूरों की सुरक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मनरेगा को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। बैज ने कहा कि पुरानी मनरेगा योजना को बंद करने के बाद सरकार के पास ग्रामीणों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ऐसी प्रभावी योजना नहीं है, जिससे उन्हें अपने गांव में ही काम मिल सके।
छत्तीसगढ़ के मजदूरों की हत्या को लेकर केंद्र-राज्य सरकार पर निशाना
दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मजदूरों की जम्मू-कश्मीर में हत्या होना केवल एक आतंकी घटना नहीं है, बल्कि यह केंद्र और राज्य सरकार के सामने कई सवाल भी खड़े करती है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले मजदूर सुरक्षित रहें।
उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी जवाब मांगा। साथ ही राज्य सरकार की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
अजय चंद्राकर के बयान पर भी बैज का पलटवार
इस दौरान दीपक बैज ने भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। चंद्राकर के उस बयान पर पलटवार करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि पहले हमले के बाद जिस तरह कार्रवाई की गई थी, उसी तरह दूसरे हमले के बाद भी कार्रवाई होगी, बैज ने केंद्र सरकार की आतंकवाद के खिलाफ नीति पर सवाल उठाए।
बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने ट्रेड डील के कारण ऑपरेशन सिंदूर को बीच में रोक दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद के मुद्दे पर पूरी तरह विफल और बेबस हो चुकी है।
दीपक बैज ने केंद्र सरकार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की और कहा कि जेन-जी के विरोध के बाद सरकार की स्थिति ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, इन परिस्थितियों के बीच सरकार पर कई तरह के राजनीतिक दबाव हैं।
घटना ने छत्तीसगढ़ के मजदूरों की सुरक्षा का मुद्दा फिर उठाया
कुलगाम में छत्तीसगढ़ के मजदूरों की हत्या की घटना ने एक बार फिर दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में मजदूर रोजगार और बेहतर आय की तलाश में देश के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं।
ऐसे में इस घटना के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार किस तरह की व्यवस्था कर सकती है। साथ ही जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आम नागरिकों और बाहरी राज्यों से आए मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस घटना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। वहीं, घटना के वास्तविक कारणों, हमले की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक को लेकर आधिकारिक जांच और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार रहेगा।
