मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र 2026 के पहले ही दिन राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक सदन में पेश कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री गौतम टेटवाल ने विधानसभा में बिल प्रस्तुत किया, जिसके बाद विपक्ष ने इसका विरोध करते हुए हंगामा किया।

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई थी। सरकार ने इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और व्यापक सामाजिक सुधार बताया है।

UCC बिल के साथ सरकार ने कुल 14 विधेयक सदन में प्रस्तुत किए, जिनमें धन्वंतरि विश्वविद्यालय विधेयक, अग्निशमन (फायर सर्विस) विधेयक, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक और उपकर संशोधन विधेयक भी शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इन सभी विधेयकों पर सत्र के दौरान विस्तार से चर्चा की जाएगी।
UCC क्या है?
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का उद्देश्य अलग-अलग धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों (Personal Laws) की जगह विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है।
हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि यह कानून धार्मिक परंपराओं या विवाह की धार्मिक विधियों को समाप्त नहीं करेगा, बल्कि उनके कानूनी प्रभावों को एक समान बनाएगा।
UCC बिल के प्रमुख प्रावधान
1. सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम
विधेयक के अनुसार विवाह और तलाक से जुड़े नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होंगे। तीन तलाक जैसी प्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाने का प्रावधान भी इसमें शामिल किया गया है।
2. एक से अधिक विवाह पर रोक
यदि किसी व्यक्ति का जीवनसाथी जीवित है तो वह दूसरा विवाह नहीं कर सकेगा। ऐसा विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा।
3. विवाह पंजीकरण अनिवार्य
हर विवाह का रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा।
हालांकि केवल रजिस्ट्रेशन नहीं कराने से विवाह अवैध नहीं माना जाएगा, लेकिन निर्धारित समय में पंजीकरण नहीं कराने या नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
4. धार्मिक रीति से हुए विवाह रहेंगे मान्य
बिल में स्पष्ट किया गया है कि धार्मिक परंपराएं जारी रहेंगी।
इन माध्यमों से हुए विवाह मान्य होंगे—
- सप्तपदी (हिंदू विवाह)
- निकाह
- आनंद कारज (सिख विवाह)
- आर्य समाज विवाह
- वैदिक विधि
- अन्य पारंपरिक एवं धार्मिक विधियां
5. झूठी जानकारी देने पर सजा
यदि कोई व्यक्ति—
- फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करता है,
- गलत जानकारी देकर विवाह पंजीकृत कराता है,
- सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करता है,
- विवाह रजिस्टर नष्ट करता है,
तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर क्या नियम होंगे?
इस बिल का सबसे चर्चित हिस्सा लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा है।
प्रमुख प्रावधान
- लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
- यदि कोई पुरुष महिला को लिव-इन में छोड़ देता है तो महिला गुजारा-भत्ता (Maintenance) मांग सकेगी।
- लिव-इन से जन्मे बच्चों को पूरी तरह वैध माना जाएगा।
- ऐसे बच्चों को संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार मिलेगा।
तलाक के नए नियम
विधेयक में तलाक के लिए कई आधार निर्धारित किए गए हैं।
इनमें शामिल हैं—
- क्रूरता
- व्यभिचार
- धर्म परिवर्तन
- परित्याग
- गंभीर मानसिक विकार
- संक्रामक यौन रोग
- अन्य वैधानिक कारण
आपसी सहमति से तलाक
पति-पत्नी आपसी सहमति से भी तलाक ले सकेंगे।
यदि अदालत को लगे कि दोनों के बीच समझौते की संभावना समाप्त हो चुकी है, तो विवाह-विच्छेद की डिक्री दी जा सकेगी।
एक वर्ष तक तलाक की अर्जी नहीं
सामान्य परिस्थितियों में विवाह के एक वर्ष के भीतर तलाक की याचिका दाखिल नहीं की जा सकेगी।
हालांकि यदि असाधारण कठिनाई या गंभीर अनैतिकता का मामला हो तो अदालत पहले भी याचिका स्वीकार कर सकती है।
तलाक के बाद दोबारा विवाह
तलाक के बाद दोनों पक्षों को पुनर्विवाह का अधिकार होगा।
हालांकि पुनर्विवाह तभी संभव होगा जब—
- अपील की समय-सीमा समाप्त हो जाए, या
- यदि अपील हुई हो तो उसे अदालत खारिज कर दे।
बच्चों और संपत्ति को लेकर क्या बदलाव होंगे?
विधेयक में उत्तराधिकार को लेकर समान अधिकार देने का प्रस्ताव है।
संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा—
- बेटों को
- बेटियों को
- विधवा को
- विधुर को
- माता-पिता को
इसके अलावा—
- शून्य (Void) या शून्यकरणीय (Voidable) विवाह से जन्मे बच्चों को भी वैध माना जाएगा।
- उन्हें उत्तराधिकार के समान अधिकार प्राप्त होंगे।
हत्या करने वाला वारिस नहीं बन सकेगा
ड्राफ्ट के अनुसार यदि कोई व्यक्ति संपत्ति के मालिक की हत्या का दोषी सिद्ध होता है, तो वह उस संपत्ति का उत्तराधिकारी नहीं बन सकेगा।
निकाह हलाला पर क्या प्रावधान?
विधेयक में निकाह हलाला जैसी प्रथा को अपराध की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव रखा गया है।
यदि यह प्रावधान कानून का हिस्सा बनता है तो निकाह हलाला कराने या उसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सजा का प्रावधान लागू होगा।
माता-पिता को बेसहारा छोड़ने पर कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करता और उन्हें बेसहारा छोड़ देता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
गोद लेने की प्रक्रिया
बिल में गोद लेने (Adoption) की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और एक समान बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि सभी समुदायों के लिए समान व्यवस्था लागू हो सके।
सरकारी कर्मचारियों के लिए नया नियम
सरकारी और निजी संस्थानों में कर्मचारियों की वैवाहिक स्थिति तभी बदली जाएगी, जब वे विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेंगे।
विवाह कब रद्द किया जा सकेगा?
यदि विवाह—
- धोखे से किया गया हो,
- किसी की पहचान छिपाई गई हो,
- पहले से विवाहित होने की बात छिपाई गई हो,
- बलपूर्वक कराया गया हो,
तो अदालत ऐसे विवाह को शून्यकरणीय (Voidable) घोषित कर सकेगी।
रजिस्ट्रार की नियुक्ति
विवाह, तलाक और विवाह की वैधता से जुड़े मामलों के लिए—
- रजिस्ट्रार
- रजिस्ट्रार जनरल
की नियुक्ति की जाएगी।
यदि किसी व्यक्ति को रजिस्ट्रार के फैसले से आपत्ति होगी तो अपील का भी प्रावधान रहेगा। किसी भी पंजीकरण को रद्द करने से पहले संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा।
आदिवासी समाज को UCC से बाहर रखा गया
विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। यानी आदिवासी समाज पर यह कानून लागू नहीं होगा।
UCC का ड्राफ्ट किसने तैयार किया?
मध्य प्रदेश सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की थी।
- समिति का गठन 27 अप्रैल 2026 को किया गया।
- समिति ने विभिन्न राज्यों के कानूनों का अध्ययन किया।
- सरकार के अनुसार, मसौदा तैयार करने से पहले 10 लाख से अधिक नागरिकों से सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्राप्त की गईं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल यह विधेयक विधानसभा में पेश किया गया है, जिस पर सदन में चर्चा होगी। यदि विधानसभा इसे पारित करती है और आगे आवश्यक संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होती हैं, तब यह कानून के रूप में लागू होगा। इसलिए अभी इनमें शामिल प्रावधान प्रस्तावित हैं और अंतिम रूप विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मिलेगा।
