हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष Pahlaj Nihalani का 4 जून 2026 को 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से बॉलीवुड और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे पिछले कुछ महीनों से गंभीर लीवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे और मुंबई के नानावटी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
चार दशक से ज्यादा लंबा रहा फिल्मी सफर
पहलाज निहलानी हिंदी सिनेमा के उन निर्माताओं में शामिल थे जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक में कई सफल व्यावसायिक फिल्में दीं। उन्होंने 1982 में फिल्म हथकड़ी से निर्माता के रूप में अपना सफर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कई चर्चित फिल्मों का निर्माण किया, जिनमें शामिल हैं:
- Ilzaam
- Shola Aur Shabnam
- Aankhen
- Andaz
- Paap Ki Duniya
- Talaash
- Rangeela Raja
उनकी फिल्म आंखें 90 के दशक की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गिनी जाती है।
गोविंदा और चंकी पांडे को दिया बड़ा ब्रेक
पहलाज निहलानी को अभिनेता Govinda के करियर को दिशा देने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने 1986 की फिल्म इल्जाम के जरिए गोविंदा को बड़ा अवसर दिया। इसके अलावा अभिनेता Chunky Panday को भी फिल्म आग ही आग के माध्यम से प्रमुख पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

CBFC कार्यकाल सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहा
जनवरी 2015 में पहलाज निहलानी को CBFC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। 2015 से 2017 के बीच उनका कार्यकाल लगातार विवादों में रहा। फिल्म प्रमाणन और सेंसरशिप को लेकर उनके कई फैसलों पर फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच तीखी बहस हुई।
सबसे ज्यादा चर्चा फिल्म:
- Udta Punjab
- Lipstick Under My Burkha
को लेकर हुई। उड़ता पंजाब के लिए CBFC द्वारा बड़ी संख्या में कट लगाने की मांग और लिपस्टिक अंडर माय बुर्का को प्रमाणन देने से इनकार करने जैसे फैसलों ने राष्ट्रीय स्तर पर सेंसरशिप की बहस को जन्म दिया।
लगातार विवादों के बाद 2017 में उन्हें पद से हटाकर Prasoon Joshi को नया अध्यक्ष बनाया गया था।
फिल्म संगठनों में भी निभाई अहम भूमिका
पहलाज निहलानी केवल निर्माता ही नहीं थे, बल्कि फिल्म उद्योग के संगठनात्मक ढांचे में भी सक्रिय रहे। वे Association of Motion Pictures and TV Programme Producers (AMPTPP) के अध्यक्ष के रूप में लगभग तीन दशकों तक जुड़े रहे और फिल्म निर्माताओं की आवाज़ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिल्म जगत में शोक
उनके निधन के बाद फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों और निर्माताओं ने शोक व्यक्त किया है। परिवार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज़ हिंदू श्मशान घाट में किया गया।
पहलाज निहलानी का नाम भारतीय सिनेमा में एक ऐसे निर्माता और प्रशासक के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने एक ओर व्यावसायिक फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन किया, तो दूसरी ओर CBFC प्रमुख के रूप में अपने फैसलों से राष्ट्रीय बहस को भी प्रभावित किया।
