पाकिस्तान की क्रिकेट के हालात भले ही बद से बदतर चल रहे हों, लेकिन इस बात से शायद ही कोई इनकार करेगा कि इन हालात में भी उसके पास एक से बढ़कर एक टैलेंट आता रहता है. और अब ऐसी ही दस्तक 21 साल के लेफ्टी ऑलराउंडर अराफात मिन्हास ने मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ रावलपिंडी में दूसरे वनडे में दी. अराफात ने पहले नंबर सात पर 58 गेंदों पर 9 चौकों से 59 रन बनाए, तो बाद में 6 विकेट लेकर इतिहास रच दिया. इसी के साथ ही अराफात ने पाकिस्तान को दूसरा वनडे 87 रन से जिताया, तो इस प्रदर्शन के साथ ही वह एक वनडे में अर्द्धशतक बनाने और 6 विकेट लेने वाले पाकिस्तान वनडे के करीब 53 साल के इतिहास में शाहिद आफरीदी के बाद सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए. आफरीदी ने साल 2013 में अर्द्धशतक जड़ने के साथ ही विंडीज के खिलाफ सिर्फ 12 रन देकर 7 विकेट लिए थे.

प्लेयर ऑफ द मैच अराफात ने खोला मैच के बाद राज़
अराफात ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में अपनी गेंदबाजी और मिले छह विकेट के पीछे की रणनीति पर कहा, ‘मैंने अपनी योजनाओं को बहुत सरल रखा. पहले मैच में स्पिनरों के लिए ज्यादा मदद नहीं थी, लेकिन मैंने अपनी योजनाओं पर भरोसा रखा. आज पिच थोड़ी धीमी थी, इसलिए मुझे लगता है कि मैंने सही क्षेत्रों को निशाना बनाया और कुछ मदद मिली, जिससे मुझे फायदा हुआ.’ उन्होंने कहा, ‘विविधता बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यदि आप एक ही क्षेत्र में गेंदबाजी करते रहते हैं, तो स्पिनर को ज्यादा फायदा नहीं मिलता है, लेकिन जब आप अपनी गति में बदलाव करते हैं और स्पिन तथा आर्म बॉल दोनों फेंकते हैं, तो यह बल्लेबाज को धोखा देती है. मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है, और मैंने इस पर काम भी किया है, जिससे आज मुझे मदद मिली.’
‘मेरी कोशिश आखिर तक बैटिंग की थी’
वहीं, नंबर 7 पर उतरकर अर्द्धशतक बनाने वाले अराफात बोले, ‘जब मैं बल्लेबाजी करने उतरा, तो एक बहुत महत्वपूर्ण साझेदारी की जरूरत थी. हसन और मैंने इस साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की. हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक रन जोड़ना था क्योंकि इससे हमें फायदा होता और हम अंत में चीजों को संभाल सकते थे, क्योंकि हम दोनों में वह ताकत थी. हसन अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, अपनी लय और इरादे को बनाए हुए थे, जबकि मैंने उनका साथ दिया. लेकिन जब वह आउट हो गए, तो मैंने कमान संभाली और अंत तक बल्लेबाजी करने की कोशिश की. इससे हमें फायदा हुआ, और हम 300 रन बनाने में सफल रहे.
