रायपुर। राजधानी रायपुर में धार्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय होने जा रहा है। देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर आज रायपुर पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं और आयोजकों में उत्साह का माहौल है। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत की विशेष तैयारियां की गई हैं। उनके सान्निध्य में 8 जुलाई से 14 जुलाई तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा।

शाम 4 बजे रायपुर पहुंचेंगे देवकीनंदन ठाकुर
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का आगमन आज शाम 4 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल, माना (रायपुर) पर होगा। यहां अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन, श्रद्धालु और आयोजन समिति के सदस्य उनका भव्य स्वागत करेंगे।
बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु एयरपोर्ट पहुंचकर उनका अभिनंदन करेंगे।
8 जुलाई से 14 जुलाई तक चलेगी श्रीमद्भागवत कथा
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 8 जुलाई से 14 जुलाई तक किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन और विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
कथा स्थल के रूप में बूढ़ापारा स्थित बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम को सजाया गया है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे होगी कथा
आयोजकों के अनुसार श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। कथा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रसंगों, भक्ति, धर्म और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े विषयों पर प्रवचन देंगे।
श्रद्धालुओं को सात दिनों तक भक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन मूल्यों से जुड़े संदेश सुनने का अवसर मिलेगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कथा स्थल पर व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
देवकीनंदन ठाकुर की कथाओं में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। रायपुर में भी इस सात दिवसीय आयोजन में राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से समय पर कथा स्थल पहुंचने और आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की है। यह धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक वातावरण का सृजन करेगा, बल्कि सामाजिक समरसता और विश्व शांति का संदेश भी देगा।
