रायपुर। राजधानी रायपुर से पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के राखी थाना में पदस्थ प्रोविजनल सब इंस्पेक्टर (SI) महेश कुमार ओगरे को अवैध वसूली के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ जबरन दबाव बनाकर पैसे ऐंठने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रारंभिक जांच के दौरान SI के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया गंभीर पाए गए। उन पर अपने पद का अनुचित इस्तेमाल करते हुए कथित रूप से पैसे वसूलने का आरोप है। विभाग ने इसे गंभीर कदाचरण मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
अपराध की विवेचना के दौरान मिली थी शिकायत
आदेश के मुताबिक, प्रोविजनल उप निरीक्षक महेश कुमार ओगरे थाना राखी के अपराध क्रमांक 10/2026 की विवेचना कर रहे थे। इसी दौरान उनके खिलाफ जबरन दबाव बनाकर अवैध वसूली करने और पैसे ऐंठने से संबंधित शिकायत पुलिस विभाग को मिली।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि संबंधित अधिकारी ने अपने पद और पुलिस कार्रवाई से जुड़े अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए दबाव बनाया और कथित तौर पर पैसे की मांग की।
शिकायत सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी प्रारंभिक जांच कराई।
प्रारंभिक जांच में सामने आई गंभीर अनियमितता
शिकायत की प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस विभाग ने पाया कि संबंधित अधिकारी का आचरण पुलिस विभाग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली और सेवा आचरण के अनुरूप नहीं था।
प्रारंभिक जांच में यह भी माना गया कि उन्होंने अपने पद का अनुचित उपयोग किया। पुलिस विभाग में पदस्थ अधिकारी से निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के मुताबिक कार्रवाई की अपेक्षा होती है। ऐसे में पद का कथित रूप से गलत इस्तेमाल गंभीर मामला माना गया।
इसी आधार पर विभाग ने मामले को गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना है।
SP श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने जारी किया निलंबन आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए SP रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने प्रोविजनल SI महेश कुमार ओगरे के निलंबन का आदेश जारी किया।
निलंबन की कार्रवाई विभागीय स्तर पर की गई है। इसका उद्देश्य पुलिस विभाग में अनुशासन और निष्पक्ष कार्यप्रणाली को बनाए रखना है। अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की आगे की प्रक्रिया विभागीय जांच के माध्यम से तय की जा सकती है।
यह कार्रवाई यह भी स्पष्ट करती है कि पुलिस विभाग अपने ही कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों को लेकर भी कार्रवाई कर सकता है, खासकर तब जब प्रथमदृष्टया पद के दुरुपयोग या गंभीर कदाचरण के संकेत मिलते हैं।
निलंबन अवधि में पुलिस लाइन में रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान महेश कुमार ओगरे का मुख्यालय पुलिस लाइन, रायपुर ग्रामीण निर्धारित किया गया है।
निलंबन के दौरान अधिकारी को विभाग द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। आगे की विभागीय प्रक्रिया और जांच के आधार पर उनके संबंध में अगला निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस की छवि और भरोसे से जुड़ा मामला
पुलिस अधिकारियों पर जनता को कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद रहती है। ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर अपने पद का इस्तेमाल कर अवैध वसूली या दबाव बनाने के आरोप लगते हैं, तो इसका सीधा असर पुलिस की छवि और आम लोगों के भरोसे पर पड़ सकता है।
इसी वजह से विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की है। विभागीय कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश भी की गई है कि पद और अधिकारों के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगे विभागीय जांच में स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार निलंबन की कार्रवाई प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। आगे की विभागीय जांच में आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा सकती है।
निलंबन को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जाता है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित अधिकारी के खिलाफ अंतिम कार्रवाई या निर्णय की स्थिति स्पष्ट होगी।
