मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को अभिनेता शेखर सुमन के करीबी सहयोगी और कारोबारी धर्मेश संघानी के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी संपत्तियों, अघोषित बैंक खातों और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन के आरोपों के संबंध में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के तहत की गई। जांच के दौरान ईडी को कनाडा, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से जुड़े कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।

‘कलानी इम्पेक्स’ पर ED की कार्रवाई
ईडी के अनुसार, धर्मेश संघानी कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के सक्रिय निदेशक हैं। जांच में कंपनी के निर्यात (Export) से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि विदेशों से कंपनी को मिलने वाली बड़ी रकम लंबे समय तक भारत नहीं लाई गई और इसके लिए अधिकृत डीलर (AD) बैंक से समय बढ़ाने की अनुमति भी नहीं ली गई।
जांच में यह भी सामने आया कि जिन विदेशी खरीदारों के नाम पर निर्यात दस्तावेज तैयार किए गए थे, कई मामलों में भुगतान किसी तीसरे पक्ष से प्राप्त हुआ। ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि इन लेनदेन का उद्देश्य क्या था और कहीं इसके जरिए विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया गया।
विदेशी बैंक खातों और संपत्तियों के मिले सुराग
ईडी ने दावा किया है कि छापेमारी के दौरान धर्मेश संघानी से जुड़े कई ऐसे विदेशी बैंक खाते और संपत्तियों के दस्तावेज मिले, जिनकी जानकारी संबंधित भारतीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी।
जांच में सामने आया कि धर्मेश संघानी की कनाडा स्थित एक कंपनी में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, लेकिन इसकी घोषणा नियमानुसार नहीं की गई। इसके अलावा कनाडा, अमेरिका और यूएई में संचालित कई बैंक खातों और व्यावसायिक इकाइयों के बारे में भी एजेंसी को जानकारी मिली है। इन खातों के माध्यम से हुए वित्तीय लेनदेन की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
शेखर सुमन फिल्म एकेडमी के संबंधों की भी जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी अब ‘शेखर सुमन फिल्म एकेडमी’ और धर्मेश संघानी के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, संघानी इस संस्थान के सह-संस्थापक (Co-founder) हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक ईडी ने कोई अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक आरोप सार्वजनिक नहीं किया है।
डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप
ईडी ने धर्मेश संघानी पर जांच में बाधा डालने का भी आरोप लगाया है। एजेंसी के अनुसार, जब जांच टीम उनके ठिकाने पर पहुंची तो उन्होंने कथित तौर पर अपना मोबाइल फोन 13वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया, ताकि उसमें मौजूद डिजिटल साक्ष्य नष्ट किए जा सकें।
इस घटना के बाद ईडी ने मुंबई पुलिस को भी शिकायत दी है। अब पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या डिजिटल सबूतों को जानबूझकर नष्ट करने का प्रयास किया गया।
जांच जारी
फिलहाल ईडी विदेशी बैंक खातों, अंतरराष्ट्रीय लेनदेन, निर्यात से प्राप्त धनराशि और संभावित FEMA उल्लंघनों की विस्तृत जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस मामले में धर्मेश संघानी या शेखर सुमन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
