Business Desk: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटकर 72,600 के आसपास आ गया, जबकि निफ्टी करीब 150 अंक फिसलकर 22,600 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में खास तौर पर Auto, Metal और Consumer Durables कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है।
बाजार में अचानक आई इस गिरावट के पीछे कमजोर ग्लोबल संकेत, एशियाई बाजारों में नरमी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को अहम वजह माना जा रहा है।

ग्लोबल संकेतों से बिगड़ा बाजार का मूड
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत ऐसे समय हुई, जब एशिया के कई प्रमुख बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसका असर घरेलू निवेशकों के sentiment पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली बढ़ी, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बना।
निवेशक फिलहाल ग्लोबल मार्केट के रुख के साथ-साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
Asian Market में भी गिरावट
बुधवार को भारतीय बाजार खुलने के समय एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में कमजोरी दिखाई दी।
- KOSPI: 62 अंक यानी 0.83% गिरकर 6,885
- Nikkei: 610 अंक यानी 0.86% टूटकर 70,074
- Hang Seng: 156 अंक यानी 0.61% गिरकर 24,124
एशियाई बाजारों की यह कमजोरी भारतीय बाजार के लिए भी नकारात्मक संकेत बनी और शुरुआत से ही selling pressure देखने को मिला।
Auto और Metal शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
बाजार की गिरावट में ऑटो और मेटल शेयरों की भूमिका खास रही। इन सेक्टर्स के कई शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेज बिकवाली हुई। इसके अलावा Consumer Durables कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे।
इन प्रमुख सेक्टर्स में गिरावट का असर सीधे benchmark indices पर पड़ा। निवेशक फिलहाल जोखिम वाले शेयरों में मुनाफावसूली करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में दिखी थी तेजी
दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी रही थी। 6 अक्टूबर को Dow Jones 253 अंक यानी 0.49% बढ़कर 51,521 पर बंद हुआ।
इसी तरह Nasdaq 123 अंक यानी 0.45% की बढ़त के साथ 27,600 के स्तर पर पहुंचा। S&P 500 में भी 45 अंक यानी 0.58% की तेजी रही और यह 7,819 के स्तर पर बंद हुआ।
यानी अमेरिकी बाजार के सकारात्मक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई संकेतों की कमजोरी का असर बुधवार को भारतीय बाजार पर ज्यादा नजर आया।
FII की लगातार बिकवाली बनी चिंता
घरेलू बाजार के लिए विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी चिंता का कारण बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 7 दिनों में FII/FPI ने भारतीय शेयर बाजार से 17,145 करोड़ रुपये की निकासी की है।
इसके मुकाबले Domestic Institutional Investors यानी DII ने इसी अवधि में 20,312 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। इससे पता चलता है कि घरेलू संस्थागत निवेशक बिकवाली के दबाव को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर पिछले 30 दिनों की बात करें तो FII/FPI की नेट बिकवाली 63,812 करोड़ रुपये रही है। वहीं DII ने इस दौरान 77,208 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है।
एक दिन पहले बाजार ने दिया था शानदार रिटर्न
बुधवार की गिरावट से पहले मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को भारतीय बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 685 अंक चढ़कर 73,068 के स्तर पर बंद हुआ था।
वहीं निफ्टी 220 अंक की बढ़त के साथ 22,776 पर बंद हुआ था। ऐसे में आज की शुरुआती गिरावट को निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर ग्लोबल संकेतों के असर से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
अब बाजार की नजर रिकवरी पर
बुधवार के कारोबार में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार कितनी मजबूती से वापसी करता है। खास तौर पर Auto, Metal और Consumer Durables शेयरों में बिकवाली का दबाव कम होता है या नहीं, यह बाजार की दिशा के लिए अहम रहेगा।
इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और एशियाई बाजारों के अगले रुझान पर भी घरेलू बाजार की चाल काफी हद तक निर्भर करेगी।
