मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, अभिनेता जय भानुशाली और अभिनेत्री आरती सिंह ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। तीनों सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे और प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल हुए।

बाबा महाकाल की भक्ति में दिखे लीन
भस्म आरती के दौरान मधुर भंडारकर, जय भानुशाली और आरती सिंह नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल की आराधना करते नजर आए। करीब दो घंटे तक चली आरती में शामिल होने के बाद उन्होंने नंदी महाराज का पूजन-अभिषेक किया और नंदी के कान में अपनी मनोकामनाएं भी कहीं। इसके बाद चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर विधिवत दर्शन किए।
मंदिर परिसर में तीनों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका पारंपरिक स्वागत भी किया गया।
महाकाल कॉरिडोर की सराहना
दर्शन के बाद मधुर भंडारकर ने कहा कि वे पिछले 20 से 22 वर्षों से नियमित रूप से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आते रहे हैं और लगभग हर वर्ष भस्म आरती में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद फिर से भस्म आरती में शामिल होकर उन्हें अत्यंत संतोष और आध्यात्मिक शांति मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि महाकाल लोक (कॉरिडोर) बनने के बाद मंदिर परिसर में काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर हुई हैं और पूरे क्षेत्र का स्वरूप भव्य एवं आकर्षक बन गया है।
आरती सिंह के कहने पर पहुंचे जय भानुशाली
अभिनेता जय भानुशाली ने बताया कि अभिनेत्री आरती सिंह उनकी अच्छी मित्र हैं और उन्हीं के आग्रह पर वे महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन आए। जय ने कहा कि आरती हमेशा उनसे कहती थीं कि जो व्यक्ति महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इसी विश्वास और श्रद्धा के साथ वे पहली बार इस दिव्य आरती में शामिल हुए।
भस्म आरती का विशेष महत्व
महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली यह आरती भगवान शिव के महाकाल स्वरूप को समर्पित होती है। मान्यता है कि इस आरती के दर्शन करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, सुख-समृद्धि और विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसी कारण देशभर के श्रद्धालुओं के साथ-साथ फिल्म, राजनीति और खेल जगत की कई हस्तियां भी समय-समय पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचती रहती हैं।
