भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए इंदौर-भोपाल-जबलपुर एक्सप्रेसवे के आसपास बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित कॉरिडोर के जरिए प्रदेश के प्रमुख शहरों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के साथ ही नए उद्योगों, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना है। इस परियोजना के तहत सड़क के आसपास ऐसी जगहों की पहचान की जाएगी, जहां जमीन की उपलब्धता और बेहतर कनेक्टिविटी के आधार पर औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी।

15 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य सरकार एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक विकास की योजना को आगे बढ़ाने के लिए एक अलग स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) कंपनी बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की बैठक में चर्चा होने की संभावना जताई गई है। मंजूरी मिलने के बाद औद्योगिक कॉरिडोर को विकसित करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
600 किलोमीटर के प्रस्तावित कॉरिडोर के आसपास बसेंगे उद्योग
इंदौर, भोपाल और जबलपुर को जोड़ने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इसके आसपास औद्योगिक क्षेत्रों और निवेश केंद्रों को विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य उद्योगों तक माल पहुंचाने, कच्चे माल की ढुलाई और तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाले समय को कम करना है।
बेहतर सड़क संपर्क मिलने से औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, गोदामों और सहायक कारोबारों को भी लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, अलग-अलग हिस्सों की सड़क परियोजनाओं की लंबाई और पूरे प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई अलग हो सकती है। इसलिए करीब 600 किलोमीटर की कुल लंबाई को अंतिम निर्माण लंबाई मानने से पहले आधिकारिक परियोजना विवरण की पुष्टि जरूरी है।
आष्टा में 21 हजार एकड़ का औद्योगिक पार्क प्रस्तावित
भोपाल और इंदौर के बीच सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में बड़े औद्योगिक पार्क की योजना बनाई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसके लिए करीब 8,482 हेक्टेयर यानी लगभग 21 हजार एकड़ क्षेत्र प्रस्तावित है। इस क्षेत्र में उद्योगों को विकसित करने के लिए सरकारी जमीन, औद्योगिक विकास निगम की जमीन और निजी जमीन की उपलब्धता पर काम किया जा रहा है।
योजना के तहत आष्टा के अलावा बढ़ियाखेड़ी और झीलेला में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावना है। बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से विनिर्माण इकाइयों, परिवहन, भंडारण और दूसरे सहायक कारोबारों को जगह मिल सकती है। इससे आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार होने की उम्मीद है।
धर्मपुरा में 954 एकड़ में मल्टी-प्रोडक्ट इंडस्ट्रियल पार्क
भोपाल-जबलपुर मार्ग के बीच धर्मपुरा में 954 एकड़ जमीन पर मल्टी-प्रोडक्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की योजना भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना पर करीब 576 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इस पार्क में अलग-अलग प्रकार के उद्योगों को जगह उपलब्ध कराने की योजना है। धर्मपुरा की भौगोलिक स्थिति इसे जबलपुर, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने में उपयोगी बना सकती है। बेहतर सड़क संपर्क और औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध होने पर यहां निवेश आकर्षित करने की संभावना बढ़ सकती है।
औद्योगिक कॉरिडोर के लिए बनेगी अलग कंपनी
प्रस्तावित योजना का एक अहम हिस्सा औद्योगिक विकास के लिए अलग स्पेशल पर्पज व्हीकल यानी SPV कंपनी का गठन है। इस कंपनी के माध्यम से एक्सप्रेसवे के आसपास उपलब्ध जमीन, सड़क संपर्क और उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं का आकलन किया जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करना और विकास की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है। जमीन अधिग्रहण या अन्य संबंधित अधिकारों को लेकर क्या व्यवस्था होगी, यह अंतिम प्रस्ताव और सरकारी मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर कंपनी के गठन और औद्योगिक कॉरिडोर के विकास से जुड़ी आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। फिलहाल इस योजना को प्रस्तावित व्यवस्था के रूप में देखना उचित होगा।
इन 9 जिलों को मिल सकता है फायदा
प्रस्तावित रूट के मुताबिक, इंदौर से जबलपुर के बीच आने वाले इन शहरों और जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की संभावना है:
- इंदौर
- देवास
- सीहोर
- भोपाल
- रायसेन
- विदिशा
- सागर
- दमोह
- जबलपुर
इन क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने से व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा आसपास के कस्बों और ग्रामीण इलाकों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित सड़क खंडों के अंतिम रूट और निर्माण योजना पर निर्भर करेगा।
भोपाल से इंदौर का सफर हो सकता है आसान
प्रस्तावित योजना के पहले हिस्से में भोपाल और इंदौर के बीच करीब 161 किलोमीटर लंबे छह लेन के एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का जिक्र है। एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क पर प्रवेश और निकास निर्धारित स्थानों से होता है, जिससे बीच रास्ते के स्थानीय ट्रैफिक का प्रभाव कम करने में मदद मिल सकती है।
वर्तमान मार्ग पर शहरों के भीतर से गुजरने और ट्रैफिक के कारण यात्रा में अधिक समय लग सकता है। नया एक्सप्रेसवे तैयार होने पर भोपाल से इंदौर की यात्रा करीब दो घंटे में पूरी होने का लक्ष्य बताया जा रहा है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय सड़क की अंतिम डिजाइन, प्रवेश-निकास बिंदुओं, गति सीमा और यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगा।
भोपाल से जबलपुर के बीच भी करीब 255 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे खंड की योजना का उल्लेख है। दोनों हिस्सों के विकास से प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
रोजगार और निवेश की संभावनाएं
औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होने से सीधे उद्योगों में रोजगार के अलावा परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, रखरखाव, खानपान और अन्य सहायक सेवाओं में भी काम के अवसर पैदा हो सकते हैं। बड़े औद्योगिक पार्कों के आसपास आवास, बाजार और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
हालांकि, परियोजना से दो लाख लोगों को रोजगार मिलने और 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत जैसे आंकड़ों की अंतिम आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से स्पष्ट नहीं होती। इसलिए इन्हें पक्के सरकारी लक्ष्य या स्वीकृत बजट के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। रोजगार और निवेश का वास्तविक आंकड़ा औद्योगिक क्षेत्रों की मंजूरी, जमीन की उपलब्धता और स्थापित होने वाली इकाइयों पर निर्भर करेगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद स्पष्ट होगी आगे की तस्वीर
इंदौर-भोपाल-जबलपुर एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना मध्य प्रदेश में सड़क और उद्योग को साथ लेकर चलने की कोशिश का हिस्सा है। आष्टा और धर्मपुरा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक पार्कों की योजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
अब आगे की प्रक्रिया में कैबिनेट की मंजूरी, SPV कंपनी के गठन, जमीन की पहचान और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की समयसीमा अहम होगी। इन चरणों के पूरा होने के बाद ही परियोजना के दायरे, निवेश, रोजगार और निर्माण की स्थिति की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
