रायपुर रेंज साइबर थाना की टीम ने शेयर-ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को बड़ा मुनाफा वादा करके करोड़ों ठगने वाले एक शातिर आरोपी को राजस्थान (जयपुर) से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया है और कहा जा रहा है कि उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में दर्जनों शिकायतें हैं।

क्या हुआ (मुख्य तथ्य)
- गिरफ्तार आरोपी को रायपुर पुलिस की रेंज-साइबर टीम ने जयपुर (मंसरोवर/मानसरोवर कॉलोनी) से पकड़ा — पूछताछ में उसने ठगी स्वीकार की और उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- रेंज साइबर थाना में उसके विरुद्ध धारा 420 (ठगी) और 34 (साझा मनोभाव/साजिश) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
- पुलिस का दावा है कि आरोपी से जुड़े बैंक खातों/ट्रांज़ैक्शनों के संबंध में देश के 57 से अधिक पुलिस थाने/साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं — यानी यह एक बहु-राज्यीय/बहु-शिकायत मामला है।
आरोपी का सम्भावित तरीका (modus operandi)
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार आरोपी लोगों को शेयर ट्रेडिंग/इनवेस्टमेंट में “दोगुना रिटर्न” देने का लालच देता था — शुरुआत में छोटे रिटर्न देकर विश्वसनीयता बनाई जाती थी, फिर बड़े निवेश लेकर राशि हड़प ली जाती थी। आरोपी ने कई मामलों में फर्जी कंपनियों/बैंक खातों और सहायक मोबाइल सिमों का इस्तेमाल किया बताया जा रहा है।
कितना नुकसान हुआ (रिपोर्टेड केस)
- एक ज्ञात शिकायतकर्ता से लगभग ₹59 लाख की ठगी की रिपोर्ट दर्ज होने की खबरें हैं; इसी तरह अलग-अलग शिकायतों में लाखों-करोड़ों की राशि का हवाला मिलता है। (कुल पीड़ितों/राशि का आंकड़ा जांच के बाद सटीक होगा)।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की / आगे क्या होगा
- आरोपी से जुड़े बैंक खाते, मोबाइल सिम और डिजिटल सबूत जब्त कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। बहु-राज्यीय शिकायतों के आधार पर अन्य आरोपियों/सहयोगियों की भी तलाश जारी है। मामले की संवेदनशीलता और साइबर ट्रेल होने के कारण आगे फ्रॉड का वित्तीय-ट्रेल, खाते फ्रीज़/ट्रेस और अदालत में रिमांड/परीक्षण की प्रक्रिया चलेगी।
पीड़ितों के लिए तुरंत करने योग्य कदम (जरूरी सलाह)
- नज़दीकी साइबर/रेंज साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएँ — यदि आपने धन ट्रांसफर किया है तो तुरंत FIR कराना जरूरी है।
- अपना बैंक/UPI ट्रांज़ैक्शन-स्टेटमेंट, व्हाट्सऐप/ईमेल चैट और कोटेशन/इन्बॉक्स सुरक्षित रखें — ये सब सबूत बनेगा।
- जिस बैंक खाते/UPI में पैसे गए हों, उस बैंक से लिखित मांग कर फंड फ्रीज़/ट्रेसिंग की रिक्वेस्ट करें।
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी शिकायत दर्ज़ कर सकते हैं (ऑनलाइन FIR/कर्रेंट साइबर केस के लिए)।
- जितनी भी डिजिटल बात-चीत/कॉल लॉग्स हैं, उनकी स्क्रीनशॉट/ऑडियो-पिक्चर कॉपी सुरक्षित रखें; पासवर्ड बदल दें और बैंक-डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा बढ़ाएँ।
