गरियाबंद जिले के देवभोग तहसील में चल रहे जनगणना से जुड़े फील्ड प्रैक्टिकल के दौरान एक अलग ही पहल देखने को मिली, जहां भीषण गर्मी के बीच अधिकारियों ने प्रगणकों की सेहत का खास ध्यान रखा। पूरी खबर को विस्तार से समझते हैं—
🔥 क्या है पूरा मामला?
- गरियाबंद के देवभोग तहसील में जनगणना 2027 की तैयारी चल रही है
- 1 मई से 30 मई तक होने वाले मकान सूचिकरण और डिजिटल डेटा कलेक्शन के लिए प्रगणकों को ट्रेनिंग दी जा रही है
- इसी के तहत दूसरे चरण का फील्ड प्रैक्टिकल कराया गया

🌡️ भीषण गर्मी में अनोखी पहल
- तापमान करीब 43°C तक पहुंच गया था
- ऐसे में तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने प्रगणकों को
- 🧅 प्याज (लू से बचाव के लिए पारंपरिक उपाय)
- 🧴 सफेद टॉवेल
भेंट किए
👉 फील्ड से लौटने पर
- 🍹 नींबू शरबत पिलाया गया, ताकि डिहाइड्रेशन न हो

👨🏫 ट्रेनिंग और फील्ड प्रैक्टिकल
- घोघर और लाटापारा गांव में
👉 50-50 प्रगणकों को भेजा गया - टीम में शामिल थे—
- विजय कश्यप
- सुशील अवस्थी
- गिरीश चंद्र बेहेरा
❤️ क्यों खास है यह पहल?
- अधिकारी ने कहा कि
👉 “अभियान जितना जरूरी है, उतना ही हर कर्मचारी भी महत्वपूर्ण है” - तेज धूप में काम कर रहे प्रगणकों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई
- इस व्यवस्था से प्रगणकों का मोराल बढ़ा और वे ज्यादा उत्साह से काम करते दिखे
💰 प्रगणकों को क्या मिलेगा?
- पूरे अभियान के लिए 👉 ₹25,000 अतिरिक्त भुगतान
- ट्रेनिंग के दौरान 👉 ₹400 प्रतिदिन
📱 डिजिटल नियम भी सख्त
- काम पूरी तरह पेपरलेस होगा
- इसके लिए Android 12 वर्जन का मोबाइल जरूरी
- जिनके पास नहीं है, उन्हें नया मोबाइल खरीदना पड़ रहा है
⚖️ नियम तोड़ने पर सजा
- नियमों का पालन नहीं करने पर
👉 ₹1000 जुर्माना
👉 और गंभीर मामले में 3 साल तक की सजा
🔚 निष्कर्ष
यह खबर इसलिए खास है क्योंकि—
- एक तरफ भीषण गर्मी में सरकारी काम
- दूसरी तरफ मानवीय संवेदनशीलता और बेहतर प्रबंधन
तहसीलदार की इस छोटी लेकिन असरदार पहल ने दिखाया कि
👉 सही नेतृत्व हो तो कठिन परिस्थितियों में भी काम आसान और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
