दिग्गज अभिनेत्री Neetu Kapoor ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पति Rishi Kapoor के निधन के बाद वह मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट गई थीं। लंबे समय तक नींद नहीं आने और अकेलेपन से जूझने के दौरान उन्होंने शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया था। हालांकि जब उन्हें महसूस हुआ कि यह आदत बढ़ती जा रही है, तो उन्होंने तुरंत डॉक्टर की मदद ली और खुद को संभाला।

नीतू कपूर ने यह खुलासा अभिनेत्री Soha Ali Khan के साथ बातचीत के दौरान किया। उन्होंने बताया कि ऋषि कपूर के निधन के बाद लोग उन्हें थेरेपी लेने की सलाह दे रहे थे। उन्होंने थेरेपिस्ट से बातचीत भी की, लेकिन उन्हें लगा कि जब तक इंसान खुद अंदर से मजबूत नहीं बनता, तब तक कोई बाहरी मदद पूरी तरह असरदार नहीं हो सकती।
नीतू ने कहा कि उस समय वह बेहद दुखी और मानसिक रूप से परेशान थीं। उन्होंने बताया, “जब ऋषि कपूर का निधन हुआ, तब लोग मुझे थेरेपिस्ट के पास जाने की सलाह दे रहे थे। मैंने कोशिश भी की, लेकिन मुझे लगा कि जब तक मैं खुद को मजबूत नहीं बनाऊंगी, तब तक कोई मेरी मदद नहीं कर सकता।”
उन्होंने बताया कि पति के निधन के बाद घर का माहौल उन्हें डराने लगा था। लॉकडाउन के दौरान अकेलेपन और तनाव ने उनकी हालत और खराब कर दी थी। उन्होंने कहा कि वह अपने दिमाग को सुन्न करके सिर्फ सो जाना चाहती थीं और इसी वजह से उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया था।
नीतू कपूर ने स्वीकार किया कि कुछ महीनों तक वह बिना शराब पिए सो ही नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “मैं शराब पीती थी और फिर बिना शराब के नींद नहीं आती थी। मुझे खुद का यह रूप बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा था। मैं हमेशा से अपनी सेहत को लेकर बहुत सजग रही हूं, इसलिए यह सब मेरे लिए बेहद परेशान करने वाला था।”
उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें एहसास हुआ कि यह स्थिति सामान्य नहीं है। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपनी डॉक्टर से संपर्क किया और मदद मांगी। डॉक्टर ने उनके लिए विशेष उपचार योजना तैयार की, जिसके तहत उन्हें कुछ दिनों तक इंजेक्शन के जरिए नींद की दवा दी जाती थी ताकि वह सामान्य रूप से सो सकें।
नीतू ने बताया कि उनकी डॉक्टर हर रात उनके घर आती थीं, इंजेक्शन देती थीं और तब तक वहीं रहती थीं जब तक वह सो नहीं जाती थीं। यह प्रक्रिया करीब 10 दिनों तक चली। बाद में जब उन्हें लगा कि अब वह मानसिक रूप से थोड़ा संभल चुकी हैं, तो उन्होंने यह इलाज बंद करवा दिया।
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि इस कठिन दौर से बाहर निकलने में काम ने उनकी सबसे ज्यादा मदद की। उन्होंने पति के निधन के बाद फिल्म Jugjugg Jeeyo और टीवी शो Indian Idol के जरिए दोबारा काम शुरू किया। हालांकि शुरुआत में कैमरे के सामने आने से वह काफी घबराती थीं।
उन्होंने कहा कि फिल्म के सेट पर हर शॉट से पहले उनके हाथ कांपने लगते थे। इतने सालों तक फिल्मों में काम करने के बावजूद वह खुद को असहज महसूस करती थीं, क्योंकि पहली बार उन्हें अपने पति के बिना अकेले सबकुछ संभालना पड़ रहा था।
नीतू कपूर ने बताया कि लोगों ने उन्हें उस समय काफी जज भी किया। कई लोगों ने कहा कि पति के निधन के तुरंत बाद वह काम पर लौट आईं, लेकिन लोगों को यह समझ नहीं था कि वह खुद को टूटने से बचाने के लिए काम का सहारा ले रही थीं।
उन्होंने कहा कि अब वह पैसे या शोहरत के लिए काम नहीं करतीं, बल्कि खुद को व्यस्त और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए फिल्मों और शोज का हिस्सा बनती हैं। नीतू कपूर की यह बातचीत उनके निजी संघर्ष, मानसिक मजबूती और कठिन समय से उबरने की कहानी को सामने लाती है।
