छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को भारतीय रेलवे ने अस्थायी रूप से रद्द करने का फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय से खासकर गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार 8 जून से 19 जून 2026 के बीच कुल 77 ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में प्रभावित रहेंगी। इनमें लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें और लोकल पैसेंजर ट्रेनें दोनों शामिल हैं।

65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक:
- 65 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द रहेंगी
- 12 पैसेंजर ट्रेनें भी नहीं चलेंगी
- 8 ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा
- 6 ट्रेनों को बीच रास्ते में ही शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा
- 5 ट्रेनें देरी से संचालित होंगी
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जिन्होंने पहले से टिकट बुक करा रखे हैं या समर वेकेशन में यात्रा की योजना बनाई है।
क्यों रद्द की गईं ट्रेनें?
रेलवे प्रशासन के अनुसार Champa Railway Station में चौथी रेल लाइन जोड़ने का काम किया जा रहा है।
यह कार्य रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने और भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
इसी निर्माण कार्य के चलते South East Central Railway के Bilaspur Railway Division ने ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया है।
यात्रियों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है?
- कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी
- वैकल्पिक ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावना
- लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को अतिरिक्त समय लग सकता है
- स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने से अव्यवस्था की आशंका
- परिवार और छुट्टियों में यात्रा करने वालों को सबसे ज्यादा असर
विशेष रूप से मुंबई, हावड़ा, दिल्ली, पुणे, नागपुर, रायपुर और बिलासपुर रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जरूर जांचने की सलाह दी गई है।
रेलवे ने यात्रियों को क्या सलाह दी?
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें।
यात्री रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES ऐप या रेलवे हेल्पलाइन के जरिए जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
लंबे समय में मिलेगा फायदा
हालांकि फिलहाल यात्रियों को असुविधा होगी, लेकिन चौथी रेल लाइन बनने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुगम होने की उम्मीद है।
इससे भविष्य में ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और मालगाड़ियों तथा यात्री ट्रेनों का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा।
