ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब अमेरिका को उनकी जरूरत नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमलों और पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति गरमा गई है।
ट्रंप क्यों भड़के?
दरअसल, अमेरिका और Israel द्वारा Iran के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बीच ब्रिटेन ने सीधे तौर पर इस हमले में शामिल होने से दूरी बनाए रखी है। ब्रिटेन ने कहा है कि उसे इस कार्रवाई के लिए पर्याप्त कानूनी आधार नहीं दिखता। इसी बात से नाराज़ होकर ट्रंप ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री पर निशाना साधा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि यूनाइटेड किंगडम, जो कभी अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी था, अब मध्य पूर्व में दो विमानवाहक पोत भेजने पर विचार कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “हमें ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जो युद्ध जीतने के बाद उसमें शामिल हों।”
स्टार्मर पर तीखी टिप्पणी
Donald Trump ने कहा कि ब्रिटेन का रुख अमेरिका के लिए निराशाजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री Keir Starmer महान ब्रिटिश नेता Winston Churchill जैसे नहीं हैं और उनके फैसलों से दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंच रहा है।
ब्रिटेन का क्या है रुख?
वहीं ब्रिटेन सरकार का कहना है कि वह सीधे युद्ध में शामिल नहीं हो रही है, लेकिन अमेरिका की सुरक्षा गतिविधियों में सहयोग जारी है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार अमेरिकी विमान ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल कर रहे हैं और क्षेत्र में ईरान की संभावित मिसाइल या ड्रोन हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
संसद में स्टार्मर का जवाब
ब्रिटेन की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच “स्पेशल रिलेशनशिप” आज भी मजबूत है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विमान ब्रिटिश ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं और ब्रिटिश जेट भी मध्य पूर्व में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में मदद कर रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पर सीधे हमले में शामिल होने के लिए उन्हें कोई कानूनी आधार नहीं दिखा, इसलिए ब्रिटेन ने उस कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया।
बढ़ सकता है कूटनीतिक तनाव
ईरान से जुड़े इस सैन्य तनाव के बीच अमेरिका और ब्रिटेन के नेताओं के बीच आई यह बयानबाज़ी दोनों देशों के रिश्तों में असहजता पैदा कर सकती है। हालांकि दोनों देशों के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग जारी है, लेकिन इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
