24 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर दबाव देखने को मिला।
BSE Sensex करीब 600 अंक (0.80%) गिरकर 77,000 के आसपास ट्रेड कर रहा है, वहीं Nifty 50 भी 150 अंक (0.60%) टूटकर 24,000 के स्तर पर आ गया।

📉 बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें
🌍 1. US-ईरान तनाव
- United States और Iran के बीच तनाव जारी
- Strait of Hormuz में जहाजों की जब्ती
👉 इससे ग्लोबल मार्केट में डर और अनिश्चितता बढ़ी
💰 2. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
- 23 अप्रैल को FIIs ने करीब ₹3,200 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की
- पूरे महीने में लगभग ₹47,000 करोड़ की बिकवाली
👉 विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना है।
🛢️ 3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
- ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के पार
👉 इससे - महंगाई बढ़ने का डर
- कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका
📊 4. ग्लोबल मार्केट का कमजोर संकेत
🇺🇸 US बाजार (23 अप्रैल)
- Dow Jones Industrial Average: -180 अंक
- Nasdaq Composite: -219 अंक
- S&P 500: -30 अंक
👉 टेक शेयरों में कमजोरी का असर भारत के IT सेक्टर पर भी पड़ा
📊 सेक्टर वाइज स्थिति
🔻 सबसे ज्यादा गिरावट
- IT सेक्टर में भारी बिकवाली
🔺 जहां खरीदारी दिखी
- रियल्टी सेक्टर में मजबूती
🌏 एशियाई बाजारों का हाल
- KOSPI: -0.31%
- Hang Seng Index: -0.42%
- Nikkei 225: +0.34%
👉 कुल मिलाकर एशियाई बाजार मिला-जुला लेकिन सतर्क नजर आया।
🇮🇳 घरेलू निवेशकों का सहारा
- DIIs ने करीब ₹941 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की
👉 यानी घरेलू निवेशक बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं
📉 कल का भी रहा था खराब दिन
- सेंसेक्स: -852 अंक (77,664)
- निफ्टी: -205 अंक (24,173)
👉 लगातार दूसरे दिन गिरावट से बाजार का मूड कमजोर
🎯 निवेशकों के लिए संकेत
- बाजार में फिलहाल अनिश्चितता और वोलैटिलिटी
- शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना
- IT और ग्लोबल लिंक्ड सेक्टर ज्यादा प्रभावित
🏁 निष्कर्ष
BSE Sensex और Nifty 50 में आई गिरावट सिर्फ घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की कीमत और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का संयुक्त असर है।
👉 जब तक ये फैक्टर शांत नहीं होते, बाजार में दबाव बना रह सकता है।
