दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को रोहिणी सेक्टर-16 स्थित अंबेडकर भवन में संचालित ई-सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयों की जर्जर हालत, खराब सुविधाएं और नागरिकों की परेशानियां सामने आने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

किन कार्यालयों का किया निरीक्षण?
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के ई-सब-रजिस्ट्रार कार्यालय VI-A (मॉडल टाउन/पीतमपुरा) और VI-C (रोहिणी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन की स्थिति, नागरिक सुविधाएं, साफ-सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन और लोगों को मिलने वाली सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया।
क्या-क्या खामियां मिलीं?
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं—
- भवन की जर्जर और उपेक्षित स्थिति
- कई स्थानों पर खराब प्रकाश व्यवस्था
- बंद पड़े एयर कंडीशनर
- टूटे हुए फर्श
- गंदे और अनुपयोगी शौचालय
- नागरिकों के बैठने की अपर्याप्त व्यवस्था
- रिकॉर्ड और दस्तावेजों का अव्यवस्थित रखरखाव
- कार्यालय परिसर में कबाड़ और अनुपयोगी सामान का जमाव
इन व्यवस्थाओं को देखकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने संपत्ति और दस्तावेज संबंधी कामों के लिए आते हैं, वहां ऐसी स्थिति बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
नागरिकों से सीधे की बात
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यालय पहुंचे लोगों से भी बातचीत की। नागरिकों ने कई समस्याएं उनके सामने रखीं, जिनमें शामिल थीं—
- घंटों खड़े रहकर इंतजार करना
- पर्याप्त बैठने की व्यवस्था का अभाव
- टोकन सिस्टम का प्रभावी संचालन नहीं होना
- खराब एयर कंडीशनिंग
- साफ-सफाई की कमी
- बुनियादी सुविधाओं का अभाव
शिकायतें सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नागरिकों को बेहतर सेवा देने के निर्देश दिए।
अधिकारियों से पूछा- अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
भवन की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया कि समस्याओं की जानकारी होने के बावजूद मरम्मत और सुधार कार्य समय पर क्यों नहीं किए गए।
उन्होंने संबंधित विभाग से—
- किए गए पत्राचार,
- मरम्मत प्रस्ताव,
- रखरखाव से जुड़े दस्तावेज,
- और लंबित कार्यों की जानकारी
प्रस्तुत करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वर्षों तक किसी सरकारी कार्यालय की ऐसी उपेक्षा प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
रिकॉर्ड प्रबंधन पर भी जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड रूम और दस्तावेजों के रखरखाव में भी कई कमियां मिलीं। कई पुराने रिकॉर्ड और सामान व्यवस्थित तरीके से नहीं रखे गए थे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि—
- रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाया जाए।
- महत्वपूर्ण दस्तावेजों का डिजिटलीकरण तेज किया जाए।
- रिकॉर्ड की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- आग, दुर्घटना या तकनीकी समस्या की स्थिति में दस्तावेज सुरक्षित रहें, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रत्येक कार्यालय में नियुक्त होगा जिम्मेदार अधिकारी
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकारी भवनों की नियमित निगरानी के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्यालय में एक जिम्मेदार अधिकारी या केयरटेकर नियुक्त किया जाए, जो—
- साफ-सफाई,
- भवन रखरखाव,
- नागरिक सुविधाओं,
- और कार्यालय व्यवस्था
की नियमित निगरानी करेगा।
रिश्वतखोरी और देरी पर सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने नागरिकों के कार्यों में अनावश्यक देरी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि—
- रिश्वतखोरी,
- उत्पीड़न,
- या जानबूझकर काम लटकाने
की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक सप्ताह में मांगी विस्तृत रिपोर्ट
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि—
- भवन की मरम्मत,
- एयर कंडीशनिंग व्यवस्था,
- साफ-सफाई,
- बैठने की सुविधा,
- रिकॉर्ड प्रबंधन,
- और अन्य नागरिक सुविधाओं
में सुधार के सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं।
साथ ही एक सप्ताह के भीतर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
फिर होगा निरीक्षण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया कि वह स्वयं दोबारा कार्यालय का निरीक्षण करेंगी और यह जांचेंगी कि उनके निर्देशों का कितना प्रभावी पालन हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आदेश देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को सम्मानजनक माहौल, बेहतर सुविधाएं और समयबद्ध सेवाएं मिलें।
