Entertainment News: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ ने सिनेमाघरों में जबरदस्त कमाई करने के बाद अब OTT प्लेटफॉर्म पर भी बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस दो-भाग वाली फिल्म सीरीज ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और अब Netflix पर भी दुनियाभर में अपनी धाक जमा ली है।

नेटफ्लिक्स के को-CEO टेड सारंडोस (Ted Sarandos) ने भारतीय कंटेंट की ग्लोबल लोकप्रियता को लेकर बात करते हुए ‘धुरंधर’ का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, यह फिल्म इस साल नेटफ्लिक्स पर दुनिया में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली नॉन-इंग्लिश फिल्म रही है।
सारंडोस के इस बयान के बाद फिल्म की लोकप्रियता को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि फिल्म को केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दर्शक मिले हैं।
बॉक्स ऑफिस के बाद OTT पर भी ‘धुरंधर’ का दबदबा
रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ की कहानी, एक्शन और बड़े स्तर पर बनाए गए सिनेमाई अनुभव ने दर्शकों का ध्यान खींचा। फिल्म के दोनों हिस्सों ने मिलकर दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 3,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।
सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन के बाद जब फिल्म OTT प्लेटफॉर्म पर पहुंची, तो दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ। Netflix पर रिलीज होने के बाद फिल्म को दुनियाभर में बड़े पैमाने पर देखा गया।
यही वजह है कि अब ‘धुरंधर’ को सिर्फ भारत की सफल फिल्म के तौर पर नहीं, बल्कि ग्लोबल स्ट्रीमिंग सक्सेस के उदाहरण के रूप में भी देखा जा रहा है।
Ted Sarandos ने ‘धुरंधर’ को लेकर क्या कहा?
टेड सारंडोस ने गुरुवार को एक अंग्रेजी अखबार के कार्यक्रम में भारतीय कंटेंट की ग्लोबल संभावनाओं पर बात की। उनसे सवाल किया गया कि क्या भारत को भी दक्षिण कोरिया की ‘Squid Game’ जैसी कोई ऐसी ग्लोबल एंटरटेनमेंट सफलता मिल सकती है, जिसने दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की हो।
इस सवाल के जवाब में सारंडोस ने ‘धुरंधर’ का उदाहरण दिया।
उन्होंने बताया कि ‘धुरंधर’ इस साल Netflix पर दुनियाभर में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली नॉन-इंग्लिश फिल्म रही। उन्होंने यह भी कहा कि इसे देखने वाले दर्शकों की संख्या कई अंग्रेजी भाषा की फिल्मों से भी ज्यादा रही।
सारंडोस के मुताबिक, कुल देखने वालों की संख्या के मामले में केवल अमेरिका और ब्रिटेन के कंटेंट इससे आगे रहे।
यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारतीय फिल्मों के लिए अब ग्लोबल OTT मार्केट में बहुत बड़ा दर्शक वर्ग मौजूद है।
क्या भारत का ‘Global Moment’ पहले ही आ चुका है?
भारतीय मनोरंजन जगत में लंबे समय से यह सवाल पूछा जाता रहा है कि भारत को आखिर कब ‘Squid Game’ या ‘Money Heist’ जैसा कोई ग्लोबल एंटरटेनमेंट मोमेंट मिलेगा?
दक्षिण कोरिया की ‘Squid Game’ और स्पेन की ‘La Casa de Papel’ यानी ‘Money Heist’ ने भाषा की सीमाओं को पार करते हुए पूरी दुनिया में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी।
लेकिन टेड सारंडोस का मानना है कि भारत को ऐसे ग्लोबल मोमेंट के लिए शायद अब ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं है।
उनका कहना है कि हो सकता है भारत का ग्लोबल मोमेंट पहले ही आ चुका हो और ऐसे मोमेंट लगातार देखने को मिल रहे हों।
उनके मुताबिक, जब वह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करते हैं, खासकर भारत में, तो उनसे अक्सर पूछा जाता है कि भारतीय कंटेंट को अगली बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता कब मिलेगी।
सारंडोस का मानना है कि भारत पहले से ही ऐसा कंटेंट तैयार कर रहा है, जो देश की सीमाओं से बाहर जाकर दुनिया के दर्शकों के साथ कनेक्ट कर रहा है।
‘धुरंधर’ क्यों है खास?
‘धुरंधर’ की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह सिर्फ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सफल होने तक सीमित नहीं रही। फिल्म ने पहले सिनेमाघरों में बड़ी कमाई की और फिर OTT पर भी ग्लोबल ऑडियंस हासिल की।
एक फिल्म के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि OTT प्लेटफॉर्म के जरिए किसी भी देश का कंटेंट एक साथ दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंच सकता है।
‘धुरंधर’ की सफलता से यह भी पता चलता है कि भारतीय भाषा में बनी फिल्मों के लिए विदेशी दर्शकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
भारत के लिए सिनेमा बन सकता है सबसे बड़ा ग्लोबल हथियार
टेड सारंडोस ने भारतीय कंटेंट की ग्लोबल क्षमता को लेकर एक और अहम बात कही। उनके मुताबिक, भारत के पास दुनिया के सामने अपनी कहानियां पहुंचाने का सबसे बड़ा मौका सिनेमा के माध्यम से हो सकता है।
भारत में फिल्म निर्माण की परंपरा बेहद पुरानी और समृद्ध है। देश में दशकों से अलग-अलग भाषाओं में फिल्में बनाई जाती रही हैं और हर क्षेत्र की अपनी मजबूत फिल्म इंडस्ट्री है।
भारत की यही विविधता उसे बाकी देशों से अलग बनाती है।
सारंडोस का मानना है कि भारत की सबसे बड़ी वैश्विक सफलताएं केवल टीवी या वेब सीरीज के माध्यम से ही नहीं, बल्कि फिल्मों के जरिए भी आ सकती हैं।
‘Sacred Games’ ने भारत में Netflix के लिए खोला था रास्ता
टेड सारंडोस ने भारत में Netflix के शुरुआती सफर का जिक्र करते हुए ‘Sacred Games’ को भी याद किया।
जब Netflix ने भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करनी शुरू की थी, तब ‘Sacred Games’ को भारत में एक अलग तरह के टेलीविजन कंटेंट के तौर पर देखा गया था।
इस सीरीज ने भारतीय दर्शकों के बीच Netflix के ओरिजिनल कंटेंट को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद भारतीय वेब सीरीज और फिल्मों का कंटेंट लगातार अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचता गया।
हालांकि, सारंडोस के मुताबिक भारत की गहरी फिल्म संस्कृति और दशकों पुरानी कहानी कहने की परंपरा को देखते हुए देश की सबसे बड़ी ग्लोबल सफलताएं फिल्मों के माध्यम से आने की संभावना ज्यादा है।
रणवीर सिंह के करियर के लिए भी बड़ी उपलब्धि
‘धुरंधर’ की ग्लोबल स्ट्रीमिंग सफलता रणवीर सिंह के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। फिल्म में उनके प्रदर्शन और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने पसंद किया और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया।
अब Netflix पर दुनियाभर में फिल्म की लोकप्रियता ने इसकी सफलता को एक नया आयाम दे दिया है।
अगर टेड सारंडोस के आंकड़ों को देखें, तो ‘धुरंधर’ की उपलब्धि केवल 3,100 करोड़ रुपये से ज्यादा के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन तक सीमित नहीं है। यह फिल्म अब भारतीय सिनेमा की उन फिल्मों में शामिल हो गई है, जिन्होंने OTT के जरिए भी दुनिया के बड़े दर्शक वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है।
भारतीय सिनेमा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सफलता?
‘धुरंधर’ की Netflix पर ग्लोबल सफलता भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए कई मायनों में अहम है।
- भारतीय फिल्मों के लिए ग्लोबल दर्शक वर्ग तेजी से बढ़ रहा है।
- भाषा अब अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंच में उतनी बड़ी बाधा नहीं रही।
- OTT प्लेटफॉर्म भारतीय फिल्मों को सीधे दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचा रहे हैं।
- भारतीय सिनेमा की पुरानी कहानी कहने की परंपरा अब ग्लोबल ऑडियंस के सामने नए अंदाज में पहुंच रही है।
- बड़े बजट और मजबूत कहानी वाली भारतीय फिल्मों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
निष्कर्ष
टेड सारंडोस का ‘धुरंधर’ को लेकर बयान भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी तारीफ के तौर पर देखा जा रहा है। जिस तरह फिल्म ने पहले बॉक्स ऑफिस पर 3,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और फिर Netflix पर ग्लोबल दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई, उससे यह साफ है कि भारतीय फिल्मों की पहुंच अब सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रह गई है।
सारंडोस का यह कहना कि भारत का ‘ग्लोबल मोमेंट’ शायद पहले ही आ चुका है, भारतीय मनोरंजन उद्योग के लिए खासा उत्साह बढ़ाने वाला है। आने वाले समय में अगर भारतीय फिल्में इसी तरह दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचती रहीं, तो ‘धुरंधर’ जैसी सफलताएं भारत के लिए एक नए ग्लोबल सिनेमाई दौर की शुरुआत साबित हो सकती हैं।
