रायपुर। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित हाई पावर्ड टास्क फोर्स का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए यह महत्वपूर्ण पहल की है।

CM साय बोले- युवाओं की चिंता कर रही है केंद्र सरकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है और परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार सख्त कानून बनाने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का विश्वास परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
PM मोदी ने की हाई पावर्ड टास्क फोर्स की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को घोषणा की कि NTA की परीक्षाओं में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से एक मल्टीडिसिप्लिनरी हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
इस टास्क फोर्स की जिम्मेदारी परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा करना, तकनीकी और प्रशासनिक सुधार सुझाना तथा ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिससे भविष्य में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
नंदन नीलेकणि करेंगे टास्क फोर्स की अध्यक्षता
इस उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता देश के प्रसिद्ध प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे।
समिति में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनमें—
- पूर्व ISRO अध्यक्ष एस. सोमनाथ
- पूर्व IB निदेशक तपन डेका
- IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी
- पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल
- लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा
जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।
क्या होगा टास्क फोर्स का काम?
सरकार के अनुसार यह समिति कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम करेगी, जिनमें शामिल हैं—
- परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से और अधिक सुरक्षित बनाना।
- पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोकने के उपाय सुझाना।
- परीक्षा संचालन की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
- डिजिटल सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को मजबूत करना।
- छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बढ़ाने के लिए संरचनात्मक सुधारों की सिफारिश करना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आगामी परीक्षाएं अधिक विश्वसनीय, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जा सकें।
जिला पंचायत CEO की बैठक पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) की दो दिवसीय बैठक को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य—
- गांवों के समग्र विकास की रणनीति तैयार करना।
- ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत बनाना।
- सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना।
- जिला स्तर पर विकास कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करना।
विशेषज्ञों ने अधिकारियों को दिया मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में पूर्व आईएएस अधिकारी एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा तथा पद्मश्री पोपट राव पवार ने अधिकारियों को ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि दोनों विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव गांवों के विकास, सुशासन तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में उपयोगी साबित होंगे।
मुख्य बिंदु
- केंद्र सरकार ने NTA परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे युवाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
- टास्क फोर्स की अध्यक्षता नंदन नीलेकणि करेंगे।
- समिति में शिक्षा, तकनीक, सुरक्षा, अंतरिक्ष और प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं।
- समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के सुझाव देगी।
- मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत CEO की बैठक को ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया तथा विशेषज्ञों के अनुभव का लाभ अधिकारियों को मिलने की बात कही।
