रायपुर। राजधानी रायपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का 42वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में भव्य परेड का आयोजन होगा, जिसमें आरपीएफ के जवान अपने अनुशासन, साहस, शारीरिक दक्षता और कार्यकुशलता का प्रदर्शन करेंगे। समारोह में आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा सहित रेलवे और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्कृष्ट सेवा देने वाले अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में तीन राष्ट्रपति पुलिस पदक, 30 पुलिस पदक और एक जीवन रक्षा पदक शामिल हैं। कार्यक्रम में महिला दस्ता, कोरास कमांडो, डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ते के प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके अलावा तकनीकी प्रदर्शनी में ड्रोन से निगरानी, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और आधुनिक डिजिटल सुरक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
भव्य परेड में दिखेगा RPF जवानों का अनुशासन और साहस
रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में आयोजित होने वाले समारोह का प्रमुख आकर्षण आरपीएफ की परेड होगी। इसमें जवान निर्धारित अनुशासन और समन्वय के साथ मार्च करते हुए अपनी तैयारियों का प्रदर्शन करेंगे। इस तरह के आयोजन बल के प्रशिक्षण, कर्तव्यनिष्ठा और आपात परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर होते हैं।
समारोह में रेलवे सुरक्षा बल के विभिन्न दस्तों की भागीदारी रहेगी। परेड के माध्यम से जवानों की शारीरिक दक्षता, टीमवर्क और अनुशासित कार्यशैली को सामने लाया जाएगा। कार्यक्रम में रेलवे और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी भी प्रस्तावित है।
उत्कृष्ट सेवा के लिए अधिकारियों और जवानों का सम्मान
स्थापना दिवस समारोह में कर्तव्य के दौरान उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों और जवानों को पदकों से सम्मानित किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सम्मान सूची में तीन राष्ट्रपति पुलिस पदक, 30 पुलिस पदक और एक जीवन रक्षा पदक शामिल हैं।
इन सम्मानों के माध्यम से रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की सहायता सहित विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन में योगदान देने वाले कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। हालांकि, पदक पाने वाले सभी अधिकारियों और जवानों के नाम तथा उनकी उपलब्धियों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
महिला दस्ता और कोरास कमांडो दिखाएंगे अपनी क्षमता
कार्यक्रम में आरपीएफ के महिला दस्ते और कोरास कमांडो की प्रस्तुति भी शामिल होगी। महिला दस्ता रेलवे सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों में महिला कर्मियों की भागीदारी और प्रशिक्षण क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
वहीं, कोरास कमांडो के प्रदर्शन में विशेष प्रशिक्षण और समन्वित कार्रवाई की झलक देखने को मिलेगी। रेलवे सुरक्षा बल के ऐसे दस्ते संवेदनशील परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित होते हैं।
इसके साथ ही डॉग स्क्वॉड भी अपनी कार्यक्षमता का प्रदर्शन करेगा। सुरक्षा व्यवस्था में प्रशिक्षित श्वानों का इस्तेमाल संदिग्ध वस्तुओं की पहचान और तलाशी जैसी गतिविधियों में किया जाता है। समारोह में इन दस्तों की प्रस्तुति दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहने की उम्मीद है।
सेगवे दस्ते का प्रदर्शन भी रहेगा खास
स्थापना दिवस समारोह में सेगवे दस्ते की प्रस्तुति भी होगी। सेगवे जैसे व्यक्तिगत परिवहन उपकरणों की मदद से सुरक्षा कर्मियों को बड़े परिसर और कुछ सार्वजनिक स्थानों पर गश्त करने में सुविधा मिल सकती है।
रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण परिसरों में यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखने तथा सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में आधुनिक उपकरणों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में समारोह में सेगवे दस्ते का प्रदर्शन सुरक्षा व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जानकारी देने का माध्यम बनेगा।
‘अर्जुन’ रोबोट और ड्रोन निगरानी तकनीक होंगे आकर्षण
इस बार समारोह में तकनीकी प्रदर्शनी भी विशेष आकर्षण रहेगी। इसमें ड्रोन निगरानी प्रणाली, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और आधुनिक डिजिटल सुरक्षा प्रणालियों की झलक देखने को मिलेगी।
ड्रोन निगरानी: ड्रोन की मदद से बड़े क्षेत्रों पर नजर रखने, भीड़ की गतिविधियों का अवलोकन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा कर्मियों तक दृश्य जानकारी पहुंचाने में सहायता मिल सकती है। रेलवे जैसे बड़े नेटवर्क में आधुनिक निगरानी तकनीक सुरक्षा प्रबंधन को बेहतर बनाने में उपयोगी हो सकती है।
ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’: प्रदर्शनी में शामिल रोबोट लोगों के आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है। ह्यूमनॉइड रोबोट मानव जैसी बनावट वाले रोबोट होते हैं, जिन्हें अलग-अलग कार्यों के लिए विकसित किया जाता है। हालांकि, ‘अर्जुन’ रोबोट की विशिष्ट क्षमताओं और समारोह में उसके प्रदर्शन से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
डिजिटल सुरक्षा प्रणालियां: आधुनिक डिजिटल उपकरणों और निगरानी प्रणालियों के जरिए सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के प्रबंधन, निगरानी और समन्वय में मदद मिल सकती है। प्रदर्शनी के माध्यम से रेलवे सुरक्षा में तकनीक की बढ़ती भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा।
यात्रियों की सुरक्षा में RPF की अहम भूमिका
रेलवे सुरक्षा बल भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी जिम्मेदारियों में रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा, यात्रियों की सहायता, रेलवे परिसरों में सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में सहयोग और जरूरत के अनुसार अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय शामिल है।
रेलवे नेटवर्क में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। तकनीक, प्रशिक्षित कर्मियों और बेहतर निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल इन जिम्मेदारियों के निर्वहन में सहायता करता है।
स्थापना दिवस जैसे आयोजन बल के कर्मियों के योगदान को सम्मान देने और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
रायपुर में समारोह को लेकर तैयारियां
रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में परेड, पदक वितरण और तकनीकी प्रदर्शनी के जरिए आरपीएफ की विभिन्न गतिविधियों को प्रस्तुत किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी और अलग-अलग सुरक्षा दस्तों के प्रदर्शन से समारोह में कई प्रमुख कार्यक्रम शामिल रहेंगे।
इस आयोजन में एक ओर बल के अधिकारियों और जवानों की सेवाओं को सम्मानित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर ड्रोन, रोबोट और डिजिटल सुरक्षा प्रणालियों के माध्यम से रेलवे सुरक्षा में आधुनिक तकनीक की भूमिका भी सामने आएगी।
नोट: समारोह की तारीख, समय, आम नागरिकों के प्रवेश और कार्यक्रम के विस्तृत क्रम की पुष्टि संबंधित रेलवे या आरपीएफ की आधिकारिक सूचना से कर लें।
