छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai आज एक दिवसीय दौरे पर दिल्ली रवाना होंगे। इस दौरान वे केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुबह रायपुर से दिल्ली के लिए होंगे रवाना
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 7:20 बजे Swami Vivekananda Airport पहुंचेंगे और वहां से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।
करीब 11 बजे वे Chhattisgarh Sadan पहुंचेंगे, जहां दिनभर विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है।

अमित शाह से होगी महत्वपूर्ण बैठक
दिल्ली दौरे का सबसे अहम हिस्सा केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से प्रस्तावित मुलाकात को माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में छत्तीसगढ़ से जुड़े कई संवेदनशील और विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और हाल के सुरक्षा हालात की विस्तृत जानकारी केंद्र सरकार को देंगे।
विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और नक्सली गतिविधियों में आई कमी को लेकर भी चर्चा संभव है।
नक्सलवाद खत्म होने के बाद की रणनीति पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री केंद्र को यह भी बताएंगे कि जिन इलाकों में नक्सली प्रभाव कम हुआ है, वहां अब विकास कार्यों को किस तरह तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क, रोजगार और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे बैठक का हिस्सा बन सकते हैं।
इसके अलावा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निवेश और पर्यटन संभावनाओं को लेकर भी बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर भी चर्चा संभव
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के बीच होने वाली बैठक में मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की आगामी बैठक की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श हो सकता है।
इस परिषद में राज्यों के बीच समन्वय, आंतरिक सुरक्षा, सीमा विवाद, आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाती है।
रात में रायपुर लौटेंगे CM
दिल्ली में दिनभर व्यस्त कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री रात लगभग 9 बजे Swami Vivekananda Airport पहुंचेंगे।
इसके बाद करीब 9:30 बजे वे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को आगामी प्रशासनिक फैसलों और केंद्र-राज्य समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
